जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल द्वारा नन्हे मुन्ने बच्चों को डॉल म्यूज़ियम शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया

ग्रेटर नोएडा :आज जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों को एक शैक्षणिक भ्रमण पर दिल्ली स्थित प्रसिद्ध शंकर अंतरराष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय (Shankar’s International Dolls Museum) ले जाया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को विभिन्न देशों की संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रहन-सहन तथा कलात्मक विविधताओं से परिचित कराना और उनमें अवलोकन, जिज्ञासा एवं रचनात्मकता की भावना विकसित करना था।
बच्चे अपने शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ के साथ पूरे उत्साह और खुशी के साथ विद्यालय से रवाना हुए। यात्रा के दौरान बच्चों में विशेष उत्सुकता देखने को मिली। वे संग्रहालय में रखी गुड़ियों को देखने और उनके बारे में नई-नई बातें जानने के लिए उत्साहित थे।
डॉल म्यूज़ियम पहुँचने पर बच्चों ने विभिन्न देशों और क्षेत्रों की पारंपरिक वेशभूषा में सजी अनेक आकर्षक गुड़ियों को देखा। इन गुड़ियों के माध्यम से बच्चों को अलग-अलग देशों की संस्कृति, पहनावे, परंपराओं और जीवनशैली की झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगे परिधान, विविध प्रकार की सजावट और गुड़ियों की सुंदर प्रस्तुति ने नन्हे विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने उत्सुकतापूर्वक प्रदर्शित गुड़ियों को देखा और उनके रंगों, कपड़ों तथा विशेषताओं के बारे में जानने में रुचि दिखाई।
इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि दुनिया के विभिन्न देशों में लोगों की वेशभूषा, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक परंपराएँ अलग-अलग होती हैं। संग्रहालय में प्रदर्शित गुड़ियों ने बच्चों को विविध संस्कृतियों से परिचित कराने के साथ-साथ विभिन्नताओं का सम्मान करने और दुनिया के बारे में अपनी समझ विकसित करने की प्रेरणा दी।
डॉल म्यूज़ियम की यात्रा बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का एक अनूठा अनुभव रही। इस भ्रमण से बच्चों के अवलोकन कौशल, कल्पनाशक्ति, भाषा विकास और जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिला। साथ ही, उन्होंने संग्रहालय जैसे शैक्षणिक स्थलों के महत्व को समझा और यह जाना कि हमारे आसपास की दुनिया को देखकर, प्रश्न पूछकर तथा नई चीज़ों के बारे में जानकर भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है।
भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को संग्रहालय के नियमों का पालन करने, प्रदर्शित वस्तुओं का सम्मान करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया। इस प्रकार बच्चों ने मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ अच्छी आदतों और सामाजिक व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण सीख भी प्राप्त की।
भ्रमण के उपरांत बच्चे अपने शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ के साथ सुरक्षित और प्रसन्नतापूर्वक विद्यालय लौट आए। उनके चेहरों पर खुशी और नई जानकारियाँ प्राप्त करने का उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
यह शैक्षणिक भ्रमण प्री-नर्सरी से यू.के.जी. तक के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, आनंददायक, रचनात्मक एवं यादगार अनुभव रहा। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को कक्षा-कक्ष से बाहर वास्तविक अनुभवों के माध्यम से सीखने, विभिन्न संस्कृतियों को समझने तथा उनमें जिज्ञासा, आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।






