उत्तर प्रदेश सरकार-मोनाश विश्वविद्यालय एमओयू के तहत टीचिंग एक्सीलेंस अकादमी पर उच्चस्तरीय संवाद, जीबीयू में हुई सार्थक चर्चा

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में उत्तर प्रदेश सरकार और ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत Teaching Excellence Academy (TEA) की स्थापना को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नीति, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और मोनाश विश्वविद्यालय के बीच हुए एमओयू के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि टीचिंग एक्सीलेंस अकादमी का फोकस प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा स्तर पर होगा, जिसमें विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस अकादमी का प्रबंधन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा किया जाएगा।
एमओयू कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो. डी. पी. सिंह ने मंच पर उपस्थित सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जीबीयू में हो रही प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह एमओयू के तहत पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय अकादमिक पहल है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षाशास्त्र, डिजिटल शिक्षा, एआई, समावेशन, STEM और दीर्घकालिक प्रोफेशनल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समझौतों के लिए सिंगल-विंडो प्रणाली उपलब्ध करा रही है।
राज्य परिवर्तन आयोग के सीईओ डॉ. मनोज कुमार सिंह ने शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका और शिक्षकों के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि टीचिंग एक्सीलेंस अकादमी के अंतर्गत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए मास्टर ट्रेनर मॉडल के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण तथा अनुसंधान सहयोग पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में शिक्षा की विशाल संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अकादमी स्कूली शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के शिक्षा मंत्री परामर्शदाता श्री जॉर्ज थिवेओस ने भारत–ऑस्ट्रेलिया शिक्षा सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि यह अकादमी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश है, जो शिक्षकों की पेशेवर क्षमता बढ़ाकर सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देगी।
मोनाश विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर (इंटरनेशनल) प्रो. क्रेग जेफ्री ने भारत में शिक्षा के प्रति ऐतिहासिक सम्मान और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षण में ‘एंगेजमेंट’ सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, जिससे शिक्षक विद्यार्थियों को कक्षा में सक्रिय रूप से जोड़ सकते हैं।
प्रो. मनीषा प्रियं ने टीचिंग एक्सीलेंस अकादमी को शिक्षा एवं शैक्षणिक विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त मंच बताया और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतरराष्ट्रीयकरण को प्रोत्साहित करती है। एससीईआरटी के निदेशक श्री गणेश कुमार ने शिक्षकों की दक्षता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए भारत की विशाल स्कूली आबादी के संदर्भ में शिक्षक–छात्र अनुपात सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया।
डेलॉइट इंडिया के डॉ. कमलेश व्यास और श्री अरविंद गुप्ता ने शिक्षक स्वायत्तता, जवाबदेही, 21वीं सदी के कौशल, पाठ्यक्रम सुधार, फैकल्टी एक्सचेंज और शोध साझेदारी जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। वहीं, मोनाश विश्वविद्यालय के प्रो. प्रभात राय ने बताया कि अकादमी का कार्य प्रोफेशनल लर्निंग, ट्रांसफॉर्मेशन, वैल्यू-बेस्ड एजुकेशन और STEM आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से प्रारंभ किया जाएगा।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में शिक्षक शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग के केंद्र के रूप में और सुदृढ़ किया।







