ग्रेटर नोएडा

सिविल इंजीनियरिंग विभाग, GNIOT द्वारा सस्टेनेबिलिटी मास्टर क्लास का सफल आयोजन

ग्रेटर नोएडा:ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GNIOT), इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट द्वारा नैमटेक – इंस्टीट्यूट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन के सहयोग से “डिमिस्टिफाइंग सस्टेनेबिलिटी: इंडस्ट्री 4.0 के युग में स्मार्ट इंजीनियरिंग समाधान”* विषय पर एक सस्टेनेबिलिटी मास्टर क्लास का आयोजन शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सफलतापूर्वक किया गया।

इस विशेष सत्र के मुख्य वक्ता डॉ.-इंग. अनुपम कुमार सिंह, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी, नैमटेक रहे, जो वर्तमान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर के ट्रांजिटरी कैंपस से संबद्ध हैं। IIT गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान से जुड़े विशेषज्ञ की उपस्थिति ने कार्यक्रम की अकादमिक गरिमा एवं प्रभाव को और अधिक सशक्त किया।

अपने व्याख्यान में डॉ. सिंह ने इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट इंजीनियरिंग तकनीकों तथा सस्टेनेबिलिटी फ्रेमवर्क्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पर्यावरणीय एवं बुनियादी ढांचे से जुड़ी जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने डेटा-आधारित निर्णय, संसाधन दक्षता एवं पर्यावरण-संवेदनशील इंजीनियरिंग को भविष्य के इंजीनियरों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में बी.टेक एवं एम.टेक सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों को IIT गांधीनगर–नैमटेक में अपनाई जा रही नवीन शोध एवं शैक्षणिक पद्धतियों से परिचित होने का अवसर प्राप्त हुआ। सत्र के दौरान छात्रों के साथ सार्थक संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) धीरज गुप्ता, निदेशक, GNIOT (इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट) ने कहा कि इस प्रकार की सस्टेनेबिलिटी मास्टर क्लास विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि Industry 4.0 और सस्टेनेबिलिटी का समन्वय आज के इंजीनियरिंग शिक्षा तंत्र की अनिवार्यता है। ऐसे अकादमिक सहयोग छात्रों को नवाचार, शोध एवं वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. वसुधा तिवारी, एलुमनी कन्वीनर, का भी विशेष सहयोग रहा। उन्होंने संस्थान एवं प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के बीच अकादमिक और एलुमनी नेटवर्क को सशक्त बनाने पर बल दिया तथा भविष्य में ऐसे और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. मोहित गुप्ता एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, जीएनआईटी द्वारा प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (POC) के रूप में किया गया। यह आयोजन IIT गांधीनगर जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में जीएनआईटी का एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।

कुल मिलाकर, यह सस्टेनेबिलिटी मास्टर क्लास विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई, जिसने उन्हें टिकाऊ विकास, स्मार्ट इंजीनियरिंग समाधानों एवं भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के प्रति जागरूक किया।

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