दनकौर

श्री द्रोणाचार्य (पी0जी0) कॉलिज में प्रशिक्षणार्थियों ने ट्रैकिंग के अन्तर्गत स्काउट-गाइड से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य (पी0जी0) कॉलिज दनकौर गौतम बुद्ध नगर में बी0एड0 द्वितीस वर्ष के प्रशिक्षाणार्थियों का स्काउट-गाइड का कैम्प महाविद्यालय प्रांगण में लगाया जा रहा है। जिसमे कैम्प के चौथें दिन 08 जनवरी को महाविद्यालय से ट्रैकिंग करने के लिए छत्तरपुर मंन्दिर, दिल्ली को चलने का समयः 09ः15 पर  रजनीकान्त अग्रवाल  व कॉलिज प्राचार्य डॉ0 गिरीश कुमार वत्स  के दिशा-निर्देशन में समय 11ः20 पर बस मंदिर प्रांगण में पहुँच गई, जिसमें कॉलिज के विभागाध्यक्ष व आचार्यगण जिनमें बी0एड0 विभाग से डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव पाण्डेय, डॉ0 कोकिल अग्रवाल,  इन्द्रजीत, कला संकाय से डॉ0 प्रशान्त कन्नौजिया, डॉ0 अजमत आरा, डॉ0 शिाखा रानी, डॉ0 नाज परवीन, डॉ0 निशा शर्मा, श्रीमती प्रीति शर्मा, कु0 नगमा सलमानी, बी0एस0सी0 संकाय से उप प्राचार्या रश्मि गुप्ता,  अमित नागर, कु0 चारू,  महीपाल, डॉ0 रेशा, बी0कॉम0 संकाय से डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 नीतू सिंह, कु0 काजल कपासिया, श्रीमती सुनिता शर्मा, बी0बी0ए0 व बी0सी0ए0 संकाय से श्रीमती शशि नागर,  अखिल कुमार, श्रीमती हनी शर्मा,  प्रिंस त्यागी, कार्यलय से  अजय कुमार,  करन नागर,  पुनीत कुमार गुप्ता, मुकुल कुमार शर्मा,  बिजेन्द्र सिंह,  विनीत कुमार, व हमारे सहयोगी कर्मचारी  बिल्लू सिंह,  मीनू सिंह,  धनेश सिंह, श्रीमती रानी, श्रीमती कमलेश, सभी को साथ लेकर तथा मन्दिर पहुँचने के बाद स्काउट-गाइड प्रशिक्षण  मनमोहन कुमार  द्वारा समस्त बी0एड0 प्रशिक्षणार्थियों को साथ लेकर 12ः00 बजे मंदिर में प्रवेश किया। जिसमें समस्त आचार्यगण मौजूद रहे, जिसके अन्तर्गत मन्दिर में शिव-मन्दिर, सीता-राम मन्दिर, नागपाल बाबा और हनुमान जी की मूर्तियों का अवलोकन किया।

उसके बाद 12ः40 पर दूसरे मन्दिर में प्रवेश किया बहा पर सबसे पहले रथ, लक्ष्मी, गणेश, नाग बाबा के संहग्रालय को जानकारी प्राप्त की और उसके बाद हम सभी 1ः45 पर नागपाल बाबा की समाधि पर गये वहा पर शिव-गौरी, गणेश का हमारे प्रशिक्षणार्थियों ने अवलोकन किसा तथा 01ः43 पर मन्दिर से बाहर आकर हम जहा पर ठहरे थे। वहां पर गये और वहा पर हमने जल-पान ( भोजन) को प्राप्त करने के पश्चात प्रशिक्षणाथियों को श्री मनमोहन कुमार  ने 8 टोलियों में बाटकर जिसमें टोली न0 1 गुलाब टोली नायक शोभा, टोली न0 2 चील टोली नायक आयुषी , टोली न0 3 मोर टोली नायक लिवांक्षी, टोली न0 4 अपराजित टोली नायक वर्षा नागर, टोली न0 5 लैवेड टोली नायक पायल शर्मा, टोली न0 6 कमल टोली नायक नेहा शर्मा, टोली न0 7 सूरजमुखी टोली नायक खुशी शर्मा, टोली न0 8 टोली टोली नायक ताशू, आदि ने खोज के चिन्ह्रों के साथ जिनकी संख्याा-24 थी उन सबका ध्याान से अवलोकन करने के बाद उन चिन्हों को देखकर आगे बढते गये। और मन्दिर से 03ः15 बजे हम सबसे कुतुबममीनार के लिए प्ररस्थान किया और उसके बाद सभी ने उसके विषय में जानकारी प्राप्त की जिसमें हमने वहा एक लोह-स्तम्भ को भी ध्याान से देखा और उसके विषय में हमको यहो पता लगा की उसको अनगंपाल के द्वारा लाया गया था।

इस प्रकार डॉ गिरीश कुमार वत्स , उप प्राचार्या डॉ रश्मि गुप्ता, समस्त विभागाध्यक्ष तथा आचार्यगण आकर स्काउट-गाइड प्रशिक्षक  मनमोहन कुमार  के मार्गदर्शन में समस्त प्रशिक्षणार्थियों ने इस ट्रैकिंग के अन्तर्गत स्काउट-गाइड से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की जिनकों वह अपने जीवन में अपना कर आने अनुभव का प्रयोग कर समाज में (अनौपचारिक शिक्षा) का प्रयोग कर अपनी सहभागिता निभा सके। तथा हम सब महाविद्यालय में शाम को 07ः00 बजे पहुँच गये जिसमे समस्त महाविद्यालय परिवार मौजूद रहा।

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