बुलन्दशहर

संकीर्तन और होली का अनोखा संगम नागेश्वर मंदिर में हुआ आयोजन 

औरंगाबाद( बुलंदशहर )होली महोत्सव पर नागेश्वर मंदिर परिसर में संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संकीर्तन के पश्चात श्रृद्धालुओं ने रंग अबीर गुलाल उड़ाते हुए जमकर होली खेली और भक्ति गीतों पर जोर-शोर से नृत्य किया।

प्राचीन नागेश्वर मंदिर परिसर स्थित ठाकुर द्वारे में बुधवार को श्री श्याम संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के कार्यवाहक महंत आचार्य अविनाश द्विवेदी ने पूजा अर्चना करते हुए किया। मंडल के लोकप्रिय स्थानीय गायक कलाकारों ने गणेश वंदना, गुरु वंदना, सरस्वती वंदना करते हुए भक्ति गीतों का गायन प्रारंभ किया। निखिल गर्ग ने ”आज बिरज में होली है रे रसिया ” गीत से कान्हा जी को होली की बधाई दी। कोमित अग्रवाल ने श्री राधा रानी की व्यथा में ”मेरी चुनरी में पड़ गया दाग़ री कैसे चटख रंग डाला ” सुना कर भाव विभोर कर दिया। पुनीत सिंघल ने “” श्री जी की होने को जी चाहता है “” सुनाकर श्रृद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। राधे राधे की धुन पर नाचते थिरते श्रृद्धालुओं ने संकीर्तन के पश्चात जम कर रंग गुलाल लगाकर होली खेली और गले लगकर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। आरती और प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर वेदप्रकाश गर्ग, योगेश कुमार अग्रवाल,राजेन्द्र पंसारी, नवनीत गर्ग, सतीश सिंघल,मनोज अग्रवाल, सिंघल,इंद्रजीत सिंह जोगी, महेश सिंघल प्रमोद गर्ग कल्लू जी, गंगा सरन सैनी, मुकेश सिंघल, काव्य सिंघल, बलुआ सैनी, कृष्णा, अनुज सिंघल, कोमल सैनी, आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

रिपोर्टर राजेन्द्र अग्रवाल

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