गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में NIDAR 2026 का भव्य शुभारंभ, देशभर के 1,500 से अधिक युवा नवाचारक हुए शामिल
ग्रेटर नोएडा:ड्रोन प्रौद्योगिकी और मानव रहित विमान प्रणालियों के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू ), ग्रेटर नोएडा आज एक प्रमुख राष्ट्रीय नवाचार मंच के रूप में उभरा, जहाँ राष्ट्रीय नवाचार चुनौती – ड्रोन अनुप्रयोग एवं अनुसंधान (NIDAR) 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई ) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के सहयोग से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर से 3,000 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। कठोर चयन प्रक्रिया के उपरांत 150 उत्कृष्ट टीमों का चयन किया गया है, जिनमें लगभग 1,500 प्रतिभाशाली छात्र शामिल हैं। ये प्रतिभागी विश्वविद्यालय में आयोजित “फाइनल मिशन” चरण के अंतर्गत अत्याधुनिक ड्रोन समाधानों का विकास और प्रदर्शन कर रहे हैं।
NIDAR 2026 का फाइनल मिशन 10 से 16 जनवरी तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागी आपदा प्रबंधन के अंतर्गत जियोटैगिंग, आपातकालीन सामग्री की त्वरित डिलीवरी तथा सटीक कृषि के क्षेत्र में स्वचालित उड़ान और सटीक छिड़काव जैसी वास्तविक चुनौतियों पर कार्य करेंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लाइव ड्रोन उड़ान प्रदर्शन, तकनीकी डिज़ाइन समीक्षा तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सुश्री प्रीति नाथ, आर्थिक सलाहकार, MeitY ने कहा कि NIDAR देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का ड्रोन नवाचार कार्यक्रम है, जो युवा प्रतिभाओं को उन्नत तकनीकों में दक्ष बनाकर भारत की डिजिटल और रणनीतिक संप्रभुता को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों को भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कहा, “यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय NIDAR 2026 जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। यह पहल छात्रों को शोध, नवाचार और उद्योग से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करती है, जिससे वे राष्ट्रीय चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकें।”
श्री स्मित शाह, अध्यक्ष, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया ने कहा कि NIDAR का उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक अध्ययन से आगे बढ़ाकर वास्तविक मिशन-आधारित विकास की ओर प्रेरित करना है, और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय जैसे संस्थान इसके लिए आदर्श मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा, निदेशक, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र; डॉ. आर. एन. साहू, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान; MeitY एवं अन्य सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
NIDAR 2026 के माध्यम से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा देश के तकनीकी भविष्य को आकार देने में अग्रणी योगदान दे रहा है।





