जीबीयू के भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के दो शोधार्थियों को मिला जेआरएफ

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के लिए यह गौरव का विषय है कि विभाग के तीन पीएच.डी. शोधार्थी अब जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) धारक बन गए हैं। हाल ही में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा में विभाग के दो शोधार्थियों विवेक कुमार एवं अनुराधा ने सफलता प्राप्त की है।
इस प्रकार भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के तीनों पीएच.डी. शोधार्थियों द्वारा जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करना विभाग की शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता शोधार्थियों की निरंतर मेहनत, लगन, प्रतिभा और अध्ययन के प्रति समर्पण को प्रदर्शित करती है।
तीनों शोधार्थियों की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत अकादमिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के लिए भी गर्व का विषय है। जेआरएफ प्राप्त करने से शोधार्थियों को अपने विषय में उच्च स्तरीय शोध कार्य करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अवसर और प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
इस अवसर पर शोधार्थी विवेक कुमार ने बताया कि रिसर्च फेलोशिप में सफलता उनके लिए अत्यंत खुशी और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे निरंतर अध्ययन, अनुशासन और शोध के प्रति समर्पण के साथ-साथ विभाग के शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपने विभागाध्यक्ष एवं सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जेआरएफ की उपलब्धि उन्हें अपने शोध कार्य को और अधिक गंभीरता एवं व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
अनुराधा ने कहा कि रिसर्च फेलोशिप उत्तीर्ण करना उनके अकादमिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि यह सफलता निरंतर मेहनत, धैर्य और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के सभी शिक्षकों एवं शोधार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह भविष्य में अपने शोध के माध्यम से भारतीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के अध्ययन में सार्थक योगदान देने का प्रयास करेंगी।
इस अवसर पर भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के विभागाध्यक्ष और संकाय अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविन्द ने विवेक कुमार और अनुराधा को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता शोधार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और निरंतर अध्ययन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शोधार्थी अपने शोध कार्यों के माध्यम से भारतीय भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे तथा विभाग और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गौरवान्वित करेंगे।






