आदत लगाकर शोषण करना सबसे बड़ी कला – संजय गोयल

औरंगाबाद( बुलंदशहर )प्रसिद्ध समाजसेवी विचारवान संजय गोयल ने कहा कि आदत लगाकर शोषण करना बहुत बड़ी कला होती है वह हर किसी में नहीं होती। श्री गोयल यूपी आई ट्रांजेक्शन टैक्स लगाए जाने पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होने कहा कि यूपी आई ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगा है यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण और विचारणीय प्रश्न तो यह है कि भविष्य में इस फिलहाल के मामूली से दिखाई देने वाले टृांजक्शन टैक्स को आगे कितना बढ़ा दिया जाएगा।
एक उदाहरण देते हुए उन्होने कहा कि जिस तरह कभी फ्री रिचार्ज की बात कहकर लोगों को मोबाइल की लत लगा दी आदत बना दी आम आदमी की। मोबाइल का नशा चढ़ा तो फ्री में मिलने वाले रिचार्ज का तीन महीने का शुल्क 100 रुपए कर दिया। उसके बाद तीन महीने का शुल्क तीन सौ रुपए कर दिया। मामला यहीं नहीं रुका जब देखा कि मोबाइल की आदत ऐसी पड़ गई कि बिना इसके कोई रह ही नहीं सकता तो फिर एक महीने का ही शुल्क तीन सौ रुपए कर दिया। वो भी महीने के भी दिन घटा दिए अठ्ठाईस दिन का ही महीना कर दिया। वाह जनाब वाह क्या कहने। यही तो अच्छे दिन होते हैं।फिर तीन सौ तो क्या हजार रुपए भी चलेगा।
इस लगाई हुई आदत रुपी नशे में ही जनता शोषित होती है। व्यापारी पर बढ़ने वाली लागत का भार अन्ततः आम आदमी, जनता पर ही पड़ेगा क्योंकि व्यापारी अपनी जेब से नही देता क्योंकि बढ़ी हुई लागत व्यापारी की जेब में नहीं आती उसे भी कहीं दूसरी जगह देनी होती है।
चालीस रुपए लागत वाला पेटृोल अगर 105 रुपए लीटर मिलता है तो पेट्रोल पंप मालिक अपनी जेब से नही जनता से ही वसूलता है। और भोली जनता उस बढ़ी हुई लागत को झेलने के लिए विवश होती है क्योंकि आदत जो पड़ चुकी होती है।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






