श्रीकृष्ण-सुदामा मिलाप प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

बिलासपुर:बिलासपुर स्थित श्री बालाजी संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को कथा व्यास आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने सुदामा चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा मिलाप का प्रसंग सुनाया। कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता संसार के लिए प्रेम, विश्वास और निस्वार्थ भाव का अनुपम उदाहरण है। सुदामा अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी भक्ति और मित्रता में कोई कमी नहीं आई। जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें देखते ही उनका स्वागत किया और उन्हें गले लगा लिया। भगवान ने अपने बाल सखा सुदामा के प्रति जिस आत्मीयता का भाव प्रकट किया, वह भक्त और भगवान के बीच प्रेम का अद्भुत उदाहरण है।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपने भक्त की भावना देखते हैं, उसकी भौतिक स्थिति नहीं। सुदामा के पास भगवान को अर्पित करने के लिए केवल थोड़े से चावल थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें प्रेमपूर्वक स्वीकार किया। यह प्रसंग श्रद्धालुओं को सिखाता है कि सच्ची भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण महत्वपूर्ण है।
सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनकर कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रद्धालुओं ने भजनों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया। मंदिर परिसर में पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कथा आयोजकों ने बताया कि रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन तथा भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करने और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सीताराम तायल, सोनपाल शर्मा, अनुपम तायल, रमेश सोलंकी, तुषार गोस्वामी, हर्ष योगी, राहुल प्रजापति, धीरज प्रधान, रचना ठाकुर, चिराग पाल, दीपक पाल, समिष्ठा, अजय शर्मा, राजू योगी, अभिषेक सोलंकी, सुनीता, सुमन, वंदना, मनीषा, कुलदीप कश्यप समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






