श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम
साइबर अपराध से बचाव के लिए सजग हुए विद्यार्थी

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में सचिव श्री रजनीकान्त अग्रवाल जी के मार्गदर्शन एवं IQAC के तत्वावधान में “Cyber Crime & Cyber Safety Awareness Programme” आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना और साइबर अपराध से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में जोनल साइबर सेल, ग्रेटर नोएडा एवं थाना दनकौर से पुलिस अधिकारियों एवं साइबर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इस अवसर पर उप निरीक्षक आशीष यादव, प्रभारी जोनल साइबर सेल, ग्रेटर नोएडा; उप निरीक्षक अनुराग मिश्रा, थाना दनकौर; महिला उप निरीक्षक काजोल सिंह भदौरिया, थाना दनकौर तथा कंप्यूटर ऑपरेटर ओमित, जोनल साइबर सेल, ग्रेटर नोएडा ने सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
विशेषज्ञों ने साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, OTP एवं UPI फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबरबुलिंग तथा ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को सचेत किया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल पर व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी साझा करने तथा OTP, PIN, पासवर्ड या UPI संबंधी विवरण किसी के साथ साझा करने से आर्थिक एवं डिजिटल सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, CBI, ED अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को भयभीत करते हैं और तत्काल धनराशि स्थानांतरित करने का दबाव बनाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्क रहकर संबंधित विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बताया गया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना तथा संबंधित साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।
सचिव श्री रजनीकान्त अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित, सजग एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति के साथ-साथ उन्हें समकालीन सामाजिक एवं डिजिटल चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर भी निरंतर बल दिया जा रहा है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बदलते डिजिटल परिवेश की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना भी महाविद्यालय की जिम्मेदारी है। उन्होंने साइबर सुरक्षा जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
महाविद्यालय की उप-प्राचार्या एवं IQAC समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों एवं साइबर विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं सजग रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्री अमित नागर ने प्रभावी ढंग से किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया तथा विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेशों से जोड़े रखा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों एवं साइबर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति अधिक सजग और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—“Stay Alert Stay Safe Stay Secure”। विद्यार्थियों ने अपनी डिजिटल एवं वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने, संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा।






