पन्नाधाय की जाति बदलने पर गुर्जर समाज में रोष, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
केंद्र सरकार की पुस्तक में ‘खीची राजपूत’ लिखे जाने का विरोध, इतिहास से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

ग्रेटर नोएडा: अखिल भारतीय गुर्जर महासभा 1908 गौतम बुद्ध नगर के पदाधिकारियों एवं गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने माँ पन्नाधाय की जाति को लेकर प्रकाशित पुस्तक में किए गए उल्लेख के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासभा के प्रदेश संगठन महामंत्री अमरजीत चौधरी ने किया।
महासभा के जिलाध्यक्ष पंचशील गुर्जर ने बताया कि केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘भारत के नारी रत्न’ (प्रकाशन वर्ष 2022) के पृष्ठ संख्या आठ पर राजस्थान की महान त्याग एवं बलिदान की प्रतीक माँ पन्नाधाय की जाति ‘खीची राजपूत’ दर्शाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है तथा माँ पन्नाधाय के त्याग, बलिदान और देशभक्ति का अपमान है। इससे गुर्जर समाज में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के पाण्डोली चित्तौड़गढ़ पैनोरमा, कैमरी राजसमंद पैनोरमा तथा गोवर्धन विलास उदयपुर स्थित पैनोरमा, पार्क और मूर्तियों सहित विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित इतिहास में पन्नाधाय की जाति गुर्जर अंकित होने का दावा किया जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की पुस्तक में अलग उल्लेख किए जाने को लेकर समाज में सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुर्जर महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में पुस्तक में प्रकाशित उक्त विवरण की जांच कराने तथा ऐतिहासिक तथ्यों को स्पष्ट करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महापुरुषों और ऐतिहासिक विभूतियों के इतिहास को प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
इस मौके पर प्रदेश महामंत्री चैनपाल प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय भैया, देवेंद्र कसाना, प्रदेश कोषाध्यक्ष रवि तोंगड़, जिला प्रभारी बबलू गुर्जर, क्षेत्रीय महामंत्री अरविंद भाटी, नोएडा महानगर अध्यक्ष सुशील अवाना, डॉ. राकेश चपराना, रतिपाल नागर, सचिन तोंगड़, महेश भाटी, विकास गुर्जर और सोनू गुर्जर सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाज के लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






