आईजीसी टीएससी-2026 में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट सार्थक ने जीता स्वर्ण पदक

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि विश्वविद्यालय की 37 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेट सार्थक ने मेरठ में आयोजित इंटर ग्रुप थल सैनिक कैंप (आईजीसी टीएससी)-2026 की हेल्थ एंड हाइजीन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें स्वर्ण पदक तथा ₹3,000 की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय के एनसीसी अधिकारी डॉ. नितेश सिंह भाटी तथा एनसीसी टीम के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि आईजीसी टीएससी-2026 में गाजियाबाद ग्रुप ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनर-अप का स्थान प्राप्त किया। वहीं, कैडेट सार्थक की व्यक्तिगत सफलता ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय एवं 37 यूपी बटालियन एनसीसी की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
इस अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कैडेट सार्थक की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह उपलब्धि न केवल कैडेट सार्थक की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है, बल्कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट एनसीसी प्रशिक्षण व्यवस्था का भी प्रमाण है। हमारे विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व, सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को आत्मसात करते हुए विभिन्न राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि सार्थक भविष्य में भी ऐसी ही उपलब्धियों से विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित करेंगे। विश्वविद्यालय ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हर संभव प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करता रहेगा।” साथ ही उन्हीने एनसीसी अधिकारी डॉ. नितेश सिंह भाटी को भी इसके लिए बधाई का पत्र बताया ॰
विश्वविद्यालय परिवार ने कैडेट सार्थक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश तथा देश का नाम गौरवान्वित करते रहेंगे।






