समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग में शिक्षक दिवस एवं नवागंतुक विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत
“ज्ञान के साथ संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाएं” - प्रो. माधव गोविंद

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग में शिक्षक दिवस एवं नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत के अवसर पर एक गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान के साथ विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक नए शैक्षणिक एवं सामाजिक सफर की आत्मीय शुरुआत का संदेश दिया।
कार्यक्रम में प्रो. माधव गोविंद, डीन, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय तथा प्रो. उत्तम सिंह, उप-कुलसचिव, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा के अवसरों का सकारात्मक उपयोग करने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. माधव गोविंद ने कहा कि समाज कार्य एवं समाजशास्त्र जैसे विषय विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही प्रदान नहीं करते, बल्कि उन्हें समाज को समझने, सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करने की दृष्टि भी देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा, “विश्वविद्यालय में प्रवेश आपके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। ज्ञान को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने व्यक्तित्व और समाज के निर्माण का माध्यम बनाएं। एक अच्छे विद्यार्थी के साथ-साथ एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करें।”
प्रो. उत्तम सिंह ने नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का जीवन व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण समय होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप यहां केवल एक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपने भीतर की संभावनाओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने के लिए आए हैं। अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं और हर अवसर से सीखने का प्रयास करें। आपकी मेहनत और उपलब्धियां न केवल आपका, बल्कि आपके परिवार और विश्वविद्यालय का भी गौरव बढ़ाएंगी।”
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गुरु के जीवन में महत्व को रेखांकित किया। वहीं नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत ने विभाग में नए शैक्षणिक सत्र के प्रति उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। समारोह ने विद्यार्थियों को विभाग की अकादमिक परंपराओं, मूल्यों और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराने के साथ-साथ वरिष्ठों एवं नवागंतुकों के बीच आत्मीय संबंध स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्यों डॉ. राहुल कपूर, डॉ. सुहैल आलम, डॉ. कृति मिश्रा, सुश्री मैनलीन बावा, डॉ. कीर्ति शर्मा एवं डॉ. अंकिता यादव की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। संकाय सदस्यों ने नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके सफल, सार्थक एवं उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि विभाग अपने विद्यार्थियों में ज्ञान, संवेदनशीलता, सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों और उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा। शिक्षक दिवस एवं नवागंतुक स्वागत समारोह ने विभाग में एक ऐसे शैक्षणिक वातावरण की नींव को और मजबूत किया, जहाँ शिक्षा केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि बेहतर समाज के निर्माण का माध्यम है।






