श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में चंद्रशेखर आज़ाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की मनाई गई जयंती

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में प्राचार्य, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स द्वारा दोनों महापुरुषों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उनके स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए अतुलनीय एवं अविस्मरणीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में डॉ. नाज़ परवीन ने दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण प्रस्तुति में पंक्तियाँ— “जब कोई होता है नूरानी, वीर पैदा चमन दीदार” — प्रस्तुत कर देशभक्ति की भावना का संचार किया।
इसके पश्चात डॉ. राजीव पांडे उर्फ पिंटू ने चंद्रशेखर आज़ाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के जीवन, उनके संघर्ष तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि चंद्रशेखर जी को “आज़ाद” नाम कैसे प्राप्त हुआ तथा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के प्रसिद्ध उद्घोष “स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” के ऐतिहासिक महत्व से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने तिलक जी द्वारा रचित प्रसिद्ध ग्रंथ “गीता रहस्य” की भी जानकारी दी तथा बताया कि इन महान विभूतियों की अदम्य देशभक्ति, साहस एवं त्याग की भावना ने भारतीय युवाओं में स्वतंत्रता का ज्वार उत्पन्न किया, जिसके परिणामस्वरूप देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रगान के साथ देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।






