बिशम्बर दयाल राममूर्ति देवी सरस्वती विद्यालय इंटर कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस

दनकौर:आज बिशम्बर दयाल राममूर्ति देवी सरस्वती विद्यालय इंटर कॉलेज,दनकौर में शिक्षक दिवस का पर्व श्रद्धा, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना देखने को मिली। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

कार्यक्रम का संयोजन संजय दीक्षित ने किया, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भास्कर सैनी ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व, चरित्र और संस्कारों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का साहस देता है और उन्हें जीवन में सफलता के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
उन्होंने कहा कि “जिस प्रकार एक दीपक स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार शिक्षक अपने ज्ञान और संस्कारों से विद्यार्थियों के भविष्य को प्रकाशित करता है।” शिक्षक का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और भारतीय संस्कृति का सम्मान है।
विद्यालय के आचार्य हरिओम शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक की भूमिका माता-पिता के बाद सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को जीवन में अपनाते हुए अनुशासन, संस्कार और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य राजकुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य का संबंध भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय का वातावरण भावनात्मक एवं उत्साहपूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने सभी को यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के भविष्य का निर्माता और समाज के चरित्र का शिल्पकार होता है।
अंत में विद्यालय परिवार ने सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा ,राष्ट्रगान के बाद शिक्षक दिवस कार्यक्रम का समापन किया।






