दनकौर

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर, में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफ.एल.एन. एवं एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का सफल समापन

दनकौर:जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफ.एल.एन.) तथा एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में जनपद के की-रिसोर्स पर्सन (केआरपी), अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी), राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य तथा डायट मेंटर्स ने सक्रिय सहभागिता की।

समापन अवसर पर डायट की प्राचार्या श्रीमती अर्चना गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “निपुण भारत मिशन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एफ.एल.एन. एवं एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित यह प्रशिक्षण पूर्ण मनोयोग, सहभागिता एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया गया है। यह प्रशिक्षण शिक्षकों को शैक्षणिक रूप से समृद्ध करेगा, उनके व्यावसायिक विकास को नई दिशा देगा तथा कक्षा-कक्ष में प्रभावी, गतिविधि-आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण को सशक्त बनाएगा। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता, संख्यात्मक दक्षता, समझ, जिज्ञासा, तार्किक चिंतन तथा समस्या-समाधान क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

प्रशिक्षण के दौरान सुश्री नीता सिंह, सुश्री रश्मि त्रिपाठी एवं सुश्री कंचन बाला ने संदर्भदाता के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण सत्र संचालित किए। प्रशिक्षण के सफल संचालन एवं समन्वय का दायित्व प्रशिक्षण नोडल श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा कुशलतापूर्वक निभाया गया।

कार्यक्रम में सुश्री दीक्षा, सुश्री अर्चना पाण्डेय, सुश्री निधि त्यागी, श्री संदीप कुमार, श्री भोला कुमार, सुश्री रीना भारती तथा डॉ. रेणु सहित अन्य संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षण दल के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल एवं नवाचारों का विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सक्रिय एवं उत्तरदायी भूमिका निभाएँगे। डायट, दनकौर द्वारा भविष्य में भी शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास एवं शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन हेतु ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!