तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा एनसीईआरटी-सीआईईटी के सहयोग से “आईसीटी एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन 11 सितंबर 2026 को हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा उभरती तकनीकों के प्रभावी शैक्षिक उपयोग और आधुनिक शिक्षण-अधिगम की नवीन रणनीतियों से परिचित कराना था।
समापन दिवस के प्रथम सत्र में प्रो. भारती, सीआईईटी-एनसीईआरटी ने सहायक प्रौद्योगिकियाँ विषय पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए समावेशी शिक्षा में इनके महत्व एवं व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में डॉ. तगाराम कोंडला राव ने नीतिगत परिप्रेक्ष्य एवं डिजिटल पहल विषय पर डिजिटल शिक्षा से संबंधित नीतियों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। तृतीय सत्र में प्रो. सत्य भूषण, सीआईईटी-एनसीईआरटी ने आईसीटी एवं मूल्यांकन विषय पर डिजिटल मूल्यांकन के विभिन्न उपकरणों एवं रणनीतियों की जानकारी दी।
इसके पश्चात प्रो. अमित गौतम, निदेशक, एमएमटीटीसी, एनआईईपीए, नई दिल्ली ने मिश्रित अधिगम विषय पर इसके विभिन्न मॉडल एवं प्रभावी शिक्षण-अधिगम अनुभवों के निर्माण पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंतिम चरण समापन सत्र में गणमान्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन के पश्चात दीप प्रज्वलन एवं स्वागत किया गया तथा डाँ शालिनी भारद्वाज सहायक आचार्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग, द्वारा समापन सारांश प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शिरीष पाल सिंह, सीआईईटी-एनसीईआरटी ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों एवं अनुभवों को साझा किया। तत्पश्चात मुख्य संरक्षक प्रो. राणा प्रताप सिंह, माननीय कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए शिक्षकों की बदलती भूमिकाओं एवं बढ़ते उत्तरदायित्वों का उल्लेख किया साथ ही कार्यक्रम द्वारा प्राप्त ज्ञान को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रभावी रूप से लागू करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अधिगम-साझाकरण सत्र में विभिन्न प्रतिभागियों मुख्य रूप से अरविंद कुमार, नदीम अख्तर खान शिक्षक डी.आई.ई.टी बुलंदशहर, एवं रुचिरा कक्कड़ शिक्षिका, सावित्रीबाई फुले बालिका इंटर कॉलेज ग्रेटर नोएडा ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अपने अनुभव एवं अधिगम को प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम आयोजकों का धन्यवाद व्यक्त किया। इसके बाद डॉ. श्रुति कंवर, विभागाध्यक्ष, शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा विभाग द्वारा ‘एक छात्र-एक शिक्षक प्रशिक्षु’ पहल का शुभारंभ किया गया जिसके अंतर्गत विभाग के प्रत्येक शिक्षक-प्रशिक्षु द्वारा किसी एक छात्र को निःशुल्क शिक्षण सहायता प्रदान की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ तथा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का सामूहिक छायाचित्र लिया गया।






