बुलन्दशहर

खंडहर स्कूल की ई ओ ने करायी काया पलट

सरकारी स्कूल में व्यवस्था पब्लिक स्कूलों से भी उत्तम स्कूल टाइम में अध्यापक भी नहीं यूज कर सकते मोबाइल 

औरंगाबाद (बुलंदशहर )नगर पालिका स्याना के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर के प्रयासों से एक सरकारी स्कूल की कायापलट हो गई। जहां पहले तीन सौ बच्चों को मजबूरी में इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने को बाध्य होना पड़ता था आज वहां सात सौ भी अधिक बच्चे खुशी खुशी पब्लिक स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं पाते हुए शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। इस सरकारी स्कूल की एक खासियत यह भी है कि सभी अध्यापक स्कूल टाइम में अपने मोबाइल का प्रयोग नहीं कर सकते क्योंकि सभी अध्यापकों के मोबाइल स्कूल आने पर क्लाक रुम में जमा करा दिए जाते हैं।

बात करते हैं जनपद बुलंदशहर स्थित नगर पालिका परिषद स्याना द्वारा संचालित विवेकानंद बाल विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल स्याना की।

इस विद्यालय में वर्ष 2023 में इस स्कूल की जर्जर हालत देखकर आम आदमी को भी अपने बच्चों को पढ़ने भेजने में बेहद तकलीफ़ का अहसास होता था।ना बच्चों को बैठने की कोई खास सुविधाएं और ना पढ़ने की। उच्च वर्ग की तो बात ही छोड़िए मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे भी इस स्कूल में अपने बच्चों को भेजने में अपनी तौहीन समझते थे। ले देकर इस स्कूल में ढाई तीन सौ बच्चे शिक्षा ग्रहण करने मजबूरी में आते क्योंकि पब्लिक स्कूलों में पढ़ने की उनकी औकात नहीं थी।

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर की निगाह इस स्कूल पर गई तो उन्होने इस स्कूल का कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया। उन्होने स्कूल विकास योजना तैयार कर तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी स्वीकृति हेतु आग्रह किया तो वो इस योजना से इतने प्रभावित हुए कि उन्होने कहा कि जनपद के सभी सरकारी स्कूलों में इसी तर्ज पर काम करने की बहुत आवश्यकता है। तभी से सरकारी स्कूलों में उनकी दशा सुधारने में प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया। अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर के प्रयासों से नगर पालिका स्याना के इस स्कूल मे एक अच्छा पुस्तकालय, स्मार्ट अध्ययन कक्ष, प्रशिक्षण केन्द्र, शीतल जल वाटर कूलर,वाटर रिचार्ज प्रणाली, उत्तम प्रकाश व्यवस्था छायादार वृक्ष बच्चों के शिक्षा और मनोरंजन के आधुनिक संसाधनों से भरपूर स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है।

स्थित यह है कि इस स्कूल में जहां कल तक लोग अपने बच्चों को भेजने में शर्म महसूस करते थे कायाकल्प हो जाने के बाद इस स्कूल में पढ़ाने में गर्व महसूस करते नहीं थक रहे। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान इस स्कूल की वर्तमान स्थिति को खुद बयां करती साफ नजर आती है। सेवा राम राजभर समय समय पर इस स्कूल का निरीक्षण कर इसके बेहतर रखराव हेतु प्रयास रत रहते हैं। अब स्कूल में साढ़े सात सौ से अधिक बच्चे गर्व के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस विद्यालय ने स्याना में अपनी अलग पहचान बनाई है। सेवा राम राजभर का मानना है कि शिक्षा सभी उन्नतियों का मूल है। समाज के कमजोर तबकों को भी शिक्षा का समान अधिकार है।

रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल

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