विधानसभा चुनाव से पहले नोएडा की सियासत में निखिल सिंघल के नाम की चर्चा, मुख्यधारा की राजनीति में बड़ी भूमिका को लेकर अटकलें
राष्ट्रीय राजनीतिक दल में अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावनाओं पर चर्चा, हाईराइज निवासियों के मुद्दों को लगातार उठाने वाले निखिल सिंघल पर टिकीं निगाहें

नोएडा: उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच नोएडा की राजनीति में सामाजिक कार्यकर्ता और नोएडा हाईराइज फेडरेशन (NHRF) के अध्यक्ष निखिल सिंघल का नाम भी चर्चा में आने लगा है। शहर के हाईराइज आवासीय परिसरों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने और निवासियों की समस्याओं को प्रशासन तथा राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाने के कारण सिंघल की गतिविधियों पर राजनीतिक हलकों की नजर है। सूत्रों के हवाले से उनके मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, फिलहाल किसी दल की ओर से उनकी नियुक्ति, पद या विधानसभा टिकट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
निखिल सिंघल की पहचान पिछले कुछ वर्षों में नोएडा के हाईराइज निवासियों के अधिकारों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले प्रतिनिधि के रूप में बनी है। फ्लैटों की लंबित रजिस्ट्री, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी, लिफ्टों की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, सोसायटियों की बुनियादी सुविधाओं, अपार्टमेंट कानूनों की स्पष्टता और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े विषयों पर वह लगातार सक्रिय रहे हैं।
फ्लैट रजिस्ट्री अभियान के माध्यम से लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे घर खरीदारों की समस्याओं को सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों और प्राधिकरण के समक्ष उठाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान में विभिन्न हाईराइज सोसायटियों के निवासियों को जोड़कर लंबित रजिस्ट्रियों के समाधान के लिए प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर पहल करने पर जोर दिया गया है। एल्डेको आमंत्रण सहित विभिन्न सोसायटियों में रजिस्ट्री से जुड़े प्रयास भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा रहे हैं।
सिंघल की कार्यशैली की एक विशेषता यह रही है कि वह सोसायटियों के स्थानीय मुद्दों को व्यापक नागरिक सरोकारों के रूप में उठाने की कोशिश करते हैं। उनका जोर केवल शिकायतें दर्ज कराने तक सीमित रहने के बजाय प्रशासन, प्राधिकरण और संबंधित विभागों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने पर रहा है। मेट्रो कनेक्टिविटी, आवासीय परिसरों की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसे विषयों को लेकर भी वह लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टि से आगामी विधानसभा चुनाव नोएडा में नागरिक मुद्दों, शहरी मतदाताओं की अपेक्षाओं और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे समय में सिंघल की राजनीतिक गतिविधियों और विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ उनके संवाद को लेकर भी उत्सुकता देखी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि यदि वह सक्रिय राजनीति में औपचारिक भूमिका निभाते हैं, तो उनका अनुभव और आवासीय क्षेत्रों से जुड़ा कार्य उनके सार्वजनिक परिचय का अहम हिस्सा हो सकता है।
नोएडा के हाईराइज क्षेत्रों में सक्रिय नागरिक समूहों के बीच भी यह सवाल चर्चा का विषय है कि लंबे समय से निवासियों के मुद्दे उठाने वाले सामाजिक प्रतिनिधियों को क्या अब व्यापक राजनीतिक मंच पर भूमिका निभानी चाहिए। स्थानीय नागरिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता को देखते हुए मुख्यधारा की राजनीति में उनकी संभावित एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है।
फिलहाल निखिल सिंघल की ओर से किसी राजनीतिक पद या विधानसभा उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं पर अंतिम तस्वीर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगी। इतना जरूर है कि नोएडा के आवासीय और नागरिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें स्थानीय सार्वजनिक विमर्श में एक पहचाना हुआ नाम बनाया है।






