ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट 2026 का शुभारंभ, राष्ट्र निर्माण और प्रदेश के विकास पर हुआ मंथन

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में इंडिया फाउंडेशन और लोकनीति भारत के संयुक्त तत्वावधान में तथा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के इतिहास एवं सभ्यता विभाग के सहयोग से उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट 2026 का आयोजन 24 एवं 25 अक्टूबर को किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, उत्तर प्रदेश के विकास, उद्यमिता, तकनीकी नवाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए साझा मंच प्रदान करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, नीति-निर्माता और युवा प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं।

सम्मेलन के प्रथम दिवस की शुरुआत पंजीकरण, स्वागत एवं परिचय सत्र के साथ हुई। उद्घाटन सत्र ‘नेशन फर्स्ट, यूथ फर्स्ट’ में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री सुरेश राणा ने सहभागिता की। सत्र में राष्ट्र प्रथम की भावना, युवाओं की भूमिका और देश के विकास में उनकी भागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

प्रथम दिवस के विभिन्न सत्रों में उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, निर्यात और मूल्य शृंखलाओं का प्रमुख केंद्र बनाने, स्टार्टअप एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, राष्ट्रीय सुरक्षा में तकनीक की भूमिका, नेतृत्व विकास तथा पत्रकारिता और दुष्प्रचार जैसी समकालीन चुनौतियों पर चर्चा की गई।

‘लोकल से ग्लोबल: उत्तर प्रदेश को निर्यात एवं वैश्विक मूल्य शृंखलाओं का केंद्र बनाना’ विषयक सत्र में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक श्री बिनय सिंह तथा सार्वजनिक नीति लेखक एवं भारत के विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ ) मिशन के पूर्व सलाहकार श्री आशीष चंदोरकर ने विचार रखे। वहीं, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से ईज ऑफ डूइंग स्टार्टअप्स: उत्तर प्रदेश के उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण’ विषय पर एसएसएमईडी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मौर्य और भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ के प्रो. आशीष दुबे ने उद्यमिता एवं नवाचार की संभावनाओं पर चर्चा की।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित सत्र ‘प्रौद्योगिकी और भविष्य का युद्ध: राष्ट्रीय सुरक्षा में उत्तर प्रदेश की भूमिका एवं अवसर’ में लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी (सेवानिवृत्त), भारतीय सेना की उत्तरी कमान के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, तथा वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त), पश्चिमी नौसेना कमान के पूर्व फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ने सहभागिता की। सत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य और आधुनिक युद्ध में प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व पर विचार-विमर्श हुआ।

‘नेतृत्व के अग्रिम मोर्चे पर: अगली पीढ़ी के नेताओं का निर्माण’ सत्र में भाजपा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष श्री नीरज सिंह तथा अभिनेत्री, लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री अरुषि निशंक ने नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा पीढ़ी की भूमिका पर विचार साझा किए।

सम्मेलन के मुख्य वक्तव्य सत्र ‘ट्रिलियन डॉलर उत्तर प्रदेश: आकांक्षा से आर्थिक उपलब्धि तक’ में निवेशक एवं पॉलिसी इंडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष श्री शौर्य डोभाल ने प्रदेश की आर्थिक संभावनाओं, विकास के लक्ष्यों और निवेश की भूमिका पर अपने विचार रखे।

पत्रकारिता और लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर आयोजित सत्र ‘एल्गोरिदम के दौर में सत्य: पत्रकारिता, दुष्प्रचार और आख्यान’ में द इंडियन एक्सप्रेस की उप संपादक सुश्री लिज मैथ्यू, एनडीटीवी 24×7 के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक श्री आदित्य राज कौल तथा पत्रकार श्री निशांत आजाद ने सहभागिता की। सत्र में डिजिटल युग में सूचना की विश्वसनीयता, पत्रकारिता की जिम्मेदारी, दुष्प्रचार और जनमत निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के उत्तरार्ध में आयोजित मॉक पार्लियामेंट के अंतर्गत प्रतिनिधियों के दलों का गठन, सदन एवं विपक्ष के नेताओं का चयन तथा मंत्रियों के नामांकन जैसी संसदीय प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। इसके बाद यंग थिंकर्स सॉल्यूशन लैब में समूहों का गठन और मेंटर्स के साथ संवाद आयोजित किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को संसदीय प्रक्रिया, नीति निर्माण, समस्या समाधान, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।

प्रथम दिवस का समापन रात्रिभोज के बाद ‘उत्तर प्रदेश 2047: युवा, प्रौद्योगिकी एवं परिवर्तन की दिशा’ विषय पर प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट सत्र के साथ निर्धारित किया गया। सम्मेलन का दूसरा दिन 25 अक्टूबर को आयोजित होगा, जिसमें युवा प्रतिभागियों के बीच विचार-विमर्श और नीति संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह आयोजन युवाओं को प्रदेश और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर संवाद करने, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीखने तथा रचनात्मक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान कर रहा है। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित यह सम्मेलन युवा नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति नई पीढ़ी की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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