जीबीयू में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई आचार्य चरक जयंती

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के आयुर्वेद बायोलॉजी शाखा द्वारा चरक जयंती का आयोजन अत्यंत उत्साह, श्रद्धा एवं अकादमिक भावना के साथ किया गया। यह कार्यक्रम आयुर्वेद के महान आचार्य चरक के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तथा विद्यार्थियों को आयुर्वेद के गहन ज्ञान से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। आचार्य चरक आयुर्वेद की शास्त्रीय परंपरा के प्रमुख आचार्यों में से एक हैं तथा उनके साथ चरक संहिता का गौरवपूर्ण संबंध है। कार्यक्रम का उद्देश्य समकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आयुर्वेद की निरंतर प्रासंगिकता को रेखांकित करना भी था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डीन प्रो. एस. धनलक्ष्मी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा पुरिया द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलनके साथ किया गया। दीप प्रज्वलन ने कार्यक्रम के शुभ एवं मंगलमय आरंभ को चिह्नित किया।
उद्घाटन समारोह के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा चरक संहिता में वर्णित विभिन्न महत्वपूर्ण सिद्धांतों एवं अवधारणाओं पर प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने दिनचर्या, ऋतुचर्या सहित आयुर्वेद के विभिन्न शास्त्रीय विषयों पर अपने विचार एवं ज्ञान प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आयुर्वेद के शास्त्रीय ज्ञान के प्रति अपनी रुचि एवं समझ का प्रदर्शन किया तथा आयुर्वेद को अकादमिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डीन प्रो. एस. धनलक्ष्मी द्वारा अध्यक्षीय संबोधन में भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण, अध्ययन एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के अध्ययन के प्रति अकादमिक जिज्ञासा, तार्किक चिंतन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा पुरिया ने भी उपस्थितजनों को संबोधित किया तथा समकालीन समय में आयुर्वेद के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समन्वित करने की आवश्यकता पर बल दिया और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के क्षेत्र में अध्ययन, नवाचार एवं अनुसंधान के लिए सक्रिय रूप से जुड़ने हेतु प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अंकिता शर्मा एवं डॉ. कुरागंती गौतमी, सहायक प्राध्यापक, आयुर्वेद बायोलॉजी, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा समापन वक्तव्य एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने डीन, विभागाध्यक्ष, समस्त संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के बहुमूल्य सहयोग तथा सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से चरक जयंती समारोह सफल एवं सार्थक बन सका।
यह समारोह विद्यार्थियों के लिए आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों को पुनः समझने तथा आचार्य चरक के भारतीय चिकित्सा ज्ञान परंपरा में अमूल्य योगदान को जानने और सराहने का एक समृद्ध अकादमिक मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने शास्त्रीय आयुर्वेदिक ज्ञान की विरासत को समकालीन शिक्षा, वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाने के महत्व को भी रेखांकित किया।






