गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिलानो-बिकोका के साथ साझेदारी करके बढ़ाई यूरोप में अपनी पहुँच
पाँच साल के इस समझौते से स्टूडेंट मोबिलिटी और जॉइंट रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा; यह जापान, वियतनाम, यूनाइटेड किंगडम और थाईलैंड में पहले से चल रहे इंटरनेशनल सहयोग को और आगे बढ़ाएगा।

ग्रेटर नोएडा : यूरोप में अपनी इंटरनेशनल पहुँच को और बढ़ाते हुए, गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिलानो-बिकोका के साथ पाँच साल का सहयोग समझौता किया है। इसका मकसद एकेडमिक एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च और साइंटिफिक सहयोग को बढ़ावा देना है। यह साझेदारी यूनिवर्सिटी के बढ़ते इंटरनेशनल नेटवर्क को मज़बूत करती है और स्टूडेंट्स व फैकल्टी के लिए यूरोपियन एकेडमिक कम्युनिटी के साथ और करीब से जुड़ने का एक ढांचा तैयार करती है।
यह समझौता मिलानो-बिकोका यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल डेवलपमेंट और एकेडमिक कोऑपरेशन के वाइस रेक्टर प्रोफेसर ग्यूसेप गोरिनी और गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया के बीच साइन किया गया। इस समझौते के तहत, यूनिवर्सिटीज़ अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरेट स्टूडेंट्स के साथ-साथ फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्चर्स, विजिटिंग स्कॉलर्स और स्टाफ का आदान-प्रदान करेंगी। सहयोग के क्षेत्रों में जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स, साइंटिफिक पब्लिकेशन, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, समर स्कूल और ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल हैं। इस फ्रेमवर्क में दोनों संस्थानों के नियमों के अनुसार अंडरग्रेजुएट, मास्टर्स और डॉक्टरेट थीसिस की सुपरविज़न और को-सुपरविज़न की व्यवस्था भी है। मिलानो-बिकोका यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल डेवलपमेंट और एकेडमिक कोऑपरेशन के वाइस रेक्टर प्रोफेसर ग्यूसेप गोरिनी ने कहा, “मिलानो-बिकोका यूनिवर्सिटी मजबूत इंटरनेशनल संबंध बनाने और रिसर्च तथा ज्ञान और संस्कृति के निर्माण के माध्यम से युवा पीढ़ियों के लिए शांति और समृद्धि के भविष्य में योगदान देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ हम आज गलगोटियास यूनिवर्सिटी के साथ समझौते पर साइन कर रहे हैं।”
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के CEO, डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “हमारे लिए, इंटरनेशनल पार्टनरशिप का आधार यह है कि वे हमारे स्टूडेंट्स और फैकल्टी के लिए क्या मुमकिन बना सकती हैं – जैसे अलग-अलग एकेडमिक नज़रिए तक पहुँच, साझा रिसर्च चुनौतियों पर काम करने के मौके, और ग्लोबल सिटिज़न के तौर पर विकसित होने का आत्मविश्वास। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिलानो-बिकोका के साथ हमारा समझौता यूरोप के साथ हमारे जुड़ाव को मज़बूत करता है और टीचिंग और रिसर्च में गहरे सहयोग के लिए एक आधार बनाता है। जैसे-जैसे हम एशिया और यूरोप में अपने रिश्ते बना रहे हैं, हमारा ध्यान इन कनेक्शन को असल सीखने के अनुभवों और संयुक्त एकेडमिक काम में बदलने पर है।” इटली के साथ यह पार्टनरशिप कई इंटरनेशनल जुड़ावों की कड़ी में एक और कदम है।
जापान में, अगस्त 2026 में गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में 200 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान, गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने यामानाशी प्रीफेक्चरल सरकार के साथ एक MoU और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ एक ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ पर साइन किए, ताकि टैलेंट मोबिलिटी और क्लीन-एनर्जी रिसर्च को बढ़ावा दिया जा सके। वियतनाम में, इसके सहयोग में हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी (HUTECH), हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस (UEF) और साइगॉन हाई-टेक पार्क इकोसिस्टम शामिल हैं, जो शिक्षा, रिसर्च और सेमीकंडक्टर पहलों को जोड़ते हैं। ये घटनाक्रम कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के गिर्टन कॉलेज के साथ इसके MoU और थाईलैंड की क्रिरक यूनिवर्सिटी के साथ हाल ही में हुए ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ के पूरक हैं, जिनका मकसद शिक्षा, रिसर्च, स्टूडेंट मोबिलिटी और फैकल्टी डेवलपमेंट की संभावनाओं को तलाशना है। मिलानो-बिकोका समझौता अमल में लाने पर ज़ोर देता है। दोनों यूनिवर्सिटी के तय प्रतिनिधि मिलकर एक सालाना एक्शन प्लान तैयार करेंगे और समय-समय पर उसकी समीक्षा करेंगे, फंडिंग के मौकों की पहचान करेंगे और प्रगति पर नज़र रखेंगे। संस्थागत मंज़ूरी और वित्तीय सहायता की उपलब्धता के आधार पर, आगे लिखित समझौतों के ज़रिए खास पहलें विकसित की जाएंगी।
इस समझौते के तहत एक्सचेंज प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स को होस्ट यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट और ट्यूशन फीस से छूट मिलेगी, जबकि वे अपनी होम यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक ज़रूरतों को पूरा करना जारी रखेंगे। आने वाले स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और स्टाफ़ को संस्थागत नियमों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एकेडमिक और रिसर्च सुविधाओं तक उचित पहुँच भी मिलेगी।






