श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में ब्रह्माकुमारी बहनों ने युवाओं को मन, बुद्धि व संस्कारों के संतुलन का संदेश देकर दिलाया नशामुक्ति का संकल्प

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में 18 अगस्त 2026 को ब्रह्मा कुमारी जी ओम शांति के सहयोग से विद्यार्थियों के मानसिक एवं व्यक्तित्व विकास तथा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विशेष आध्यात्मिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बी.के. कविता दीदी एवं बी.के. मंजू दीदी ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन, मानसिक शांति, ध्यान तथा नशे से दूर रहने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी.के. कविता दीदी ने कहा कि मन, बुद्धि और संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व के तीन महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि इन तीनों में सकारात्मकता, संतुलन और दृढ़ता का अभाव हो, तो व्यक्ति नकारात्मक विचारों, तनाव, क्रोध एवं असंतुलित व्यवहार की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए मानसिक शांति, सकारात्मक चिंतन और आत्मसंयम अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि नियमित मेडिटेशन (ध्यान) के माध्यम से मन को शांत, बुद्धि को एकाग्र और संस्कारों को सकारात्मक बनाया जा सकता है। ध्यान व्यक्ति को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने, तनाव कम करने तथा जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में सहायता करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से ध्यान एवं आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान एवं ‘मिशन स्पंदन’ के अंतर्गत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। “विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम” के संदेश के साथ 6 से 20 अगस्त तक चलाए जा रहे अभियान के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सभी युवाओं को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाकर संकल्पित किया गया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य युवाओं को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।
बी.के. मंजू दीदी ने विद्यार्थियों को आध्यात्मिक मूल्यों, सकारात्मक जीवनशैली, आत्म-जागरूकता एवं संयम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ध्यान का अभ्यास भी कराया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिश कुमार वत्स ने ब्रह्माकुमारीज की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता, सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं आत्मसंयम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान देने तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।






