दलेलगढ़ गांव में बने जर्जर और अस्थायी पुल पर एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टला

दलेलगढ़ (गौतम बुद्ध नगर)। जनपद गौतम बुद्ध नगर के दलेलगढ़ गांव में बने जर्जर और अस्थायी पुल पर एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, मैनेजर केहर सिंह के दो बच्चे शिव मंदिर से दलेश्वर मंदिर की ओर जा रहे थे, तभी पुल पार करते समय उनकी बाइक सहित दोनों बच्चे पानी में गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बच्चे पानी के तेज बहाव में बहकर अंदर चले गए थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाव अभियान में सागर चौधरी जी, रविंदर (लीला जी), शिव मंदिर के पुजारी औपम दास जी एवं तरुण दास जी सहित कई ग्रामीणों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण दोनों बच्चों की जान बच सकी।
हादसे के दौरान बाइक भी पानी में डूब गई थी, जिसे ग्रामीणों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पुल पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। पुल अस्थायी रूप से बनाया गया है और लंबे समय से इसकी हालत खराब बनी हुई है। गांव के लोगों द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थायी पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि श्रीकांत शर्मा (ग्राम अध्यक्ष), अमित (समाजसेवी) और पवन भाटी (भट्टा वाले) द्वारा भी कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दलेलगढ़ गांव के इस खतरनाक अस्थायी पुल का तत्काल निरीक्षण कर स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
रिपोर्ट घनश्याम पाल






