ज़ेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: दूर दृष्टि, संकल्प और विकास की उस गाथा का नाम, जिसके शिल्पकार रहे पूर्व मंत्री डॉ. महेश शर्मा
इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज रहेगा यह नाम: डॉ. महेश शर्मा और जेवर एयरपोर्ट की विकास गाथा

— भगवत प्रसाद शर्मा की कलम से
जेवर :किसी भी ऐतिहासिक विकास परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण या उद्घाटन से नहीं मापी जाती, बल्कि उस दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथक प्रयासों से आंकी जाती है, जिसने उसे कल्पना से वास्तविकता तक पहुंचाया हो। गौतमबुद्धनगर की धरती पर आकार ले रहा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ऐसी ही एक युगांतकारी परियोजना है, जिसकी नींव विकास के प्रति समर्पित सोच और दूरदृष्टि पर आधारित है।
आज जेवर एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जा रहा है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब यह केवल एक सपना था। उस स्वप्न को साकार करने की दिशा में जिन व्यक्तित्वों ने निर्णायक भूमिका निभाई, उनमें आदरणीय पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवम् वर्तमान सांसद डॉ. महेश शर्मा का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। जब वे केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे, तब उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए। अनेक प्रशासनिक, तकनीकी और नीतिगत चुनौतियों के बीच उनकी सक्रियता और प्रतिबद्धता ने इस परियोजना को गति प्रदान की।
डॉ. महेश शर्मा ने केवल एक हवाई अड्डे की कल्पना नहीं की, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। उनकी सोच थी कि यह परियोजना क्षेत्र को वैश्विक संपर्क, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि का नया केंद्र बनाएगी। आज जब लाखों युवाओं के लिए यह परियोजना आशा और अवसर का प्रतीक बन चुकी है, तब उनकी दूरदृष्टि की सार्थकता स्पष्ट दिखाई देती है।
जेवर एयरपोर्ट केवल विमानों की उड़ान का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का प्रवेशद्वार है। यह क्षेत्रीय विकास, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इतिहास सदैव उन व्यक्तित्वों को याद रखता है जिन्होंने विकास की आधारशिला रखी हो। गौतमबुद्धनगर की जनता भली-भांति जानती है कि जेवर एयरपोर्ट की अवधारणा को साकार करने की दिशा में डॉ. महेश शर्मा के प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। उनका समर्पण, प्रशासनिक दक्षता और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण इस परियोजना की यात्रा में उल्लेखनीय योगदान के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा।
निस्संदेह, डॉ. महेश शर्मा ने गौतमबुद्धनगर को विकास की नई पहचान देने के साथ-साथ उसे वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। समय के पन्नों पर वही नाम अमर होते हैं, जिन्होंने अपने कर्म, दूर दृष्टि और जनसेवा से समाज को नई दिशा दी हो। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की गौरवगाथा में डॉ. महेश शर्मा का योगदान सदैव सम्मान, कृतज्ञता और गौरव के साथ स्मरण किया जाएगा।
“विकास के विराट पुरुष, दूर दृष्टि के ध्वजवाहक और जन-आकांक्षाओं के सच्चे संवाहक डॉ. महेश शर्मा का योगदान गौतमबुद्धनगर के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।”
लेखक-भगवत प्रसाद शर्मा






