ग्रेटर नोएडा

अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान सम्मेलन के दूसरे दिन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में जारी रहा वैश्विक वैज्ञानिक संवाद

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांसेस इन कैंसर रिसर्च: प्रिवेंशन टू इंटरवेंशन के द्वितीय दिवस के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया। दिवस का प्रारंभ प्रो. मार्को सान्द्री (यूनिवर्सिटी ऑफ पाडोवा, इटली) के मुख्य व्याख्यान से हुआ। उन्होंने कैंसर-जनित क्षीणता के निरोध हेतु बहु-लक्ष्य चिकित्सा पर अपने शोध का विवरण दिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों प्रो. पाओला कोस्टेली (यूनिवर्सिटी ऑफ ट्यूरिन, इटली), प्रो. अशोक कुमार (यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन, अमेरिका) और डॉ. डार्को बोसनाकोवस्की (यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, अमेरिका) ने अपने विचार साझा किए।

आगे के सत्रों में प्रो. अविनाश बजाज (आरसीबी, भारत), प्रो. दिपाली शर्मा (जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, अमेरिका), प्रो. विहांग ए. नारकर (यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास हेल्थ साइंस सेंटर, अमेरिका), डॉ. सिद्धेश अरास (वेन स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका) और डॉ. नीरा तिवारी-सिंह (मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका) जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों में प्रमुख भारतीय शोधकर्ताओं प्रो. शिल्पी दत्त (जेएनयू), डॉ. आशीष गुप्ता (एसएनयू), प्रो. अजय कुमार सक्सेना (जेएनयू) एवं डॉ. इम्तियाज़ कमर (जीबीयू) के महत्वपूर्ण योगदान भी सम्मिलित थे। अगले सत्र में प्रो. आलो नाग (दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. सुभ्रजीत साहा (यूनिवर्सिटी ऑफ कैंसस मेडिकल सेंटर, अमेरिका), डॉ. अशोक शर्मा (एम्स, दिल्ली) और डॉ. मोहम्मद इम्तियाज़ हसन (जामिया मिल्लिया इस्लामिया) ने अपने शोध प्रस्तुत किए।

सम्मेलन का अंत समापन सत्र के साथ हुआ, जिसकी अध्यक्षता जीबीयू के माननीय कुलपति प्रो. राणा पी. सिंह और प्रो. धयान चंद्र (रोस्वेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर, बफ़ेलो, न्यूयॉर्क, अमेरिका) ने की। प्रो. रवि मेहरोत्रा, पूर्व निदेशक, एनआईसीपीआर ने समापन-सत्र संबोधन दिया। उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए, जिसके बाद प्रो. एस. धनलक्ष्मी, अधिष्ठाता, यूएसओबीटी, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रीय गान हुआ। समापन अवसर पर आयोजित रात्रिभोज ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया एवं इस दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन हुआ।

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