गलगोटिया विश्वविद्यालय को टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग 2026 में 27वां स्थान
हांगकांग में जारी वैश्विक रैकिंग में शोध इकोसिस्टम के लिये सराहना

ग्रेटर नोएडा: गलगोटिया विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है। उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन में यह रैंकिंग दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित सूचियों में मानी जाती है।

भारत के 1300 से अधिक विश्वविद्यालयों में से केवल 128 संस्थानों को इस वर्ष की रैंकिंग में शामिल किया गया है। गलगोटिया विश्वविद्यालय इस चुनिंदा सूची में स्थान पाने वाले संस्थानों में शामिल है। साथ ही भारत के निजी विश्वविद्यालयों में इसे 27वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो विश्वविद्यालय की लगातार बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा और प्रभाव को दर्शाता है।
टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शिक्षण गुणवत्ता, शोध वातावरण, शोध गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और उद्योग सहभागिता जैसे प्रमुख मानकों पर किया जाता है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में शोध गुणवत्ता गलगोटिया विश्वविद्यालय की विशेष ताकत बनकर उभरी है। यह विश्वविद्यालय के बेहतर शोध कार्य, बढ़ती शैक्षणिक और शोध प्रभाव को दर्शाता है।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों की है जिन्होंने बड़े सपने देखने का साहस किया, उन अभिभावकों की है जिन्होंने उन सपनों पर विश्वास किया और हर उस भारतीय की है जो इस यात्रा पर गर्व महसूस करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल गलगोटिया का क्षण नहीं, बल्कि भारत के आगे बढ़ने और नेतृत्व करने का समय है।
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एक सशक्त और शोधपरक शैक्षिक वातावरण तैयार किया है। विश्वविद्यालय अब तक 31 पेटेंट प्राप्त कर चुका है, जो नवाचार और बौद्धिक संपदा निर्माण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय की स्कोपस प्रकाशन प्रोफाइल भी उसकी शोध क्षमता को प्रमाणित करती है। विश्वविद्यालय के नाम पर 8,500 से अधिक इंडेक्स्ड शोध पत्र, 65,500 से अधिक साइटेशन तथा 94 का प्रभावशाली एच इन्डेक्स दर्ज है।
विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और मजबूत करते हुए इसके 7 फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं, जो उनकी उत्कृष्ट शोध उपलब्धियों को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय ने 15 सरकारी वित्तपोषित शोध परियोजनाएं हासिल की हैं, जिनके लिए लगभग 1.70 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त हुई है। ये शोध प्रोजेक्ट आईसीएसएसआर, एएनआरएफ, सीएसआईआर, एसईआरबी, डीएचआर, आईयूएसी, आईआईटी बोम्बे के टीआईएच फाउंडेसन जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से मिला है।
यह सम्मान विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे पहले क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग में कंप्यूटर साइंस विषय के लिए गलगोटिया विश्वविद्यालय को भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 11वां स्थान मिला था। ये उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार आधारित शिक्षा और भविष्य केंद्रित शिक्षण व्यवस्था को प्रमाणित करती हैं।
गलगोटिया विश्वविद्यालय लगातार मल्टीडिसीपलनरी पाठ्यक्रमों का विस्तार कर रहा है, शोध क्षमता को मजबूत बना रहा है, उद्योग जगत के साथ साझेदारी बढ़ा रहा है और विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय ने तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली, नवाचार केंद्रों और करियर उन्मुख शैक्षणिक मॉडल पर भी विशेष निवेश किया है, जिससे विद्यार्थियों को बदलती दुनिया की नई चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
फैकल्टी गुणवत्ता, शोध उत्कृष्टता, वैश्विक सहभागिता और विद्यार्थियों के बेहतर परिणामों पर लगातार ध्यान देते हुए गलगोटिया विश्वविद्यालय नई पीढ़ी की आकांक्षाओं के अनुरूप आधुनिक शिक्षा संस्थान के रूप में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।






