बुलन्दशहर

जे पी मानुष चिट्ठा के डा० अखिलेश बने वृद्बजनों के मसीहा 

तेहत्तर वर्षीय श्यामवती का हुआ सफलतापूर्वक घुटना प्रत्यारोपण ,सालों बाद अपने पैरों के बल चली श्यामवती 

औरंगाबाद (बुलंदशहर) अपने घुटने की गंभीर समस्या के चलते सालों से चलने फिरने से मोहताज हो चुकी तेहत्तर वर्षीय श्यामवती एक बार फिर अपने पैरों पर चलने में समर्थ हो गई। जे पी मानुष चिट्ठा अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से आर्थोपेडिक सर्जन डॉ अखिलेश द्वारा किए गए सफलतापूर्वक घुटना प्रत्यारोपण के दुरूह कार्य के बल पर ही यह संभव हो सका।

यों तो आर्थोपेडिक सर्जन डॉ अखिलेश किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं अरसे से जे पी अस्पताल अब जे पी मानुष चिट्ठा में वृद्धावस्था में चलने फिरने से मोहताज लोगों के सफलता पूर्वक घुटना प्रत्यारोपण कर निर्धनों और मजलूमों के मसीहा बने हुए हैं। जनपद बुलंदशहर के रजपुरा मौहरसा निवासी श्यामवती का तेहत्तर वर्ष की आयु में डा० अखिलेश ने लैफ्ट घुटना सफलतापूर्वक 11 जून को प्रत्यारोपण किया। कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते निजी अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण कराना उनके परिजनों के लिए संभव नहीं था। अतः जे पी मानुष चिट्ठा में भर्ती कराया गया था। श्याम वती के पौत्र नितीश कुमार ने बताया कि डॉ अखिलेश के सफलता पूर्वक घुटना प्रत्यारोपण किये जाने के तीसरे दिन दादी श्यामवती अरसे बाद अपने पैरों चलने फिरने में समर्थ हो सकीं हैं। परिजनों के साथ साथ वृद्धा श्यामवती ने भी चिकित्सक का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वो तो वृद्धजनों के मसीहा हैं।

रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल

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