मानवता की मिसाल : बिना भाई की बहनों के संबल बने पुनीत नागर की टीम, अब तक भरे 20 भात

बिलासपुर:रिश्ते सिर्फ खून के नहीं होते, बल्कि नेक इरादों और भाईचारे से भी निभाए जाते हैं। इस बात को सच कर दिखाया है क्षेत्र के युवाओं की एक टीम ने, जिन्होंने समाज में मानवता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश की है। हाल ही में ग्राम दादूपुर में इस टीम ने एक ऐसी ही बहन के घर पहुंचकर भात (मायके की रस्म) भरने का काम किया, जिनका कोई सगा भाई नहीं है।
टीम के सदस्य, पूरी रीती-रिवाज के साथ इस शादी समारोह में पहुंचे। टीम ने बहन को चुनरी ओढ़ाकर और पैसों की माला पहना कर भात की सभी रस्में पूरी कर समाज को यह संदेश दिया कि कोई भी बहन खुद को बेसहारा या अकेला न समझे।
मोरना , केमराला भोगपुर और कासना दादूपुर ओमीक्रॉन सहित कई गाँवों में फैलाया भाईचारे का प्रकाश यह कोई पहला मौका नहीं है जब इस टीम ने ऐसा सराहनीय कदम उठाया हो। विनीत नागर गौरक्षक और उनके साथियों ने बताया कि वे अब तक क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों जैसे मोर्ना, केमराला, भोगपुर, कासना और ओमिक्रॉन सेक्टर सहित दर्जनों गाँवों में लगभग 15 से 20 ऐसी बहनों का भात भर चुके हैं, जिनका इस दुनिया में कोई भाई नहीं है।
उनका मुख्य उद्देश्य समाज की उन बहनों को यह अहसास दिलाना है कि उनके भाई भले ही न हों, लेकिन समाज के ये युवा हमेशा उनके सुख-दुख में भाई बनकर खड़े हैं। इस मुहिम के जरिए टीम ने अब तक दर्जनों परिवारों को रोते हुए नहीं, बल्कि मुस्कुराते हुए विदा किया है और किसी भी बहन को भाई की कमी महसूस नहीं होने दी है।
दादूपुर गाँव सहित पूरे क्षेत्र में युवाओं के इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहाँ लोग अपने सगे रिश्तों से मुँह मोड़ लेते हैं, वहीं इन युवाओं ने निस्वार्थ भाव से समाज की बहनों को अपना माना है।
विनित नागर गौरक्षक के नेतृत्व में अंकित कसाना, प्रिंस, योगेश, राजू, राहुल, अनीश और महेश की यह पूरी टीम आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है। युवाओं का कहना है कि उनकी यह मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और वे हर उस बहन के साथ खड़े रहेंगे जिसे एक भाई के साथ की जरूरत है।
– विनित नागर ने बताया हमारी युवा टीम गौरक्षा के साथ-साथ बिना भाई के बहनों के शादी समारोह में भाई बनकर बहन की भाई की कमी पूरी कर भात भर रस्में पूरी निस्वार्थ भाव से करते हैं।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






