गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया शिक्षक दिवस
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज , मुंबई के कुलाधिपति प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आज शिक्षक दिवस के अवसर पर एक गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के कुलाधिपति प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “शिक्षण केवल कक्षा तक सीमित गतिविधि नहीं है। एक अच्छा शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि अपने आचरण, विचारों, अनुभवों और मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और जीवन-दृष्टि का निर्माण करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें बेहतर नागरिक और जिम्मेदार इंसान बनने के लिए प्रेरित करता है।”
मुख्य अतिथि प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थी को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि “शिक्षण केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का मिशन है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के ज्ञान, मूल्यों और दृष्टिकोण को आकार देकर भविष्य के समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कविताओं, श्लोकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कविताओं में गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की गरिमा को अभिव्यक्त किया गया। संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और ज्ञान के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने समारोह को भावनात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया।
कार्यक्रम में शिक्षक दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ शिक्षा के व्यापक सामाजिक महत्व को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा व्यक्ति और समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों एवं अधिकारियों की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रो. एस. धनलक्ष्मी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. मनमोहन सिंह, सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नागेंद्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय प्रशासन, सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षक दिवस के आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।






