ग्रेटर नोएडा

शिक्षक ज्ञान के साथ संस्कार, विवेक और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्माण करते हैं- प्रो. माधव गोविंद

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस पर विशेष सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह आयोजित

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के शिक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में 3 सितंबर 2026 को विशेष सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं का मनोहारी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों में सम्मान, आत्मीयता एवं सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत शिक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति कंवर ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षक दिवस को शिक्षकों के समर्पण, ज्ञान एवं मार्गदर्शन के प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने तथा उन्हें एक जिम्मेदार, संवेदनशील एवं जागरूक नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविंद ने भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं विचारों को स्मरण किया तथा शिक्षक की भूमिका और उसके व्यापक सामाजिक दायित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विवेक, मानवीय संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षकों को समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव एवं मूल्यों के माध्यम से नई पीढ़ी को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. श्रुति कंवर ने अपने संदेश में शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा की सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है। शिक्षक अपने आचरण, विचारों एवं मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के अनुभवों से निरंतर सीखने तथा ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कारों, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक लोकनृत्य, गायन एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें भारतीय संस्कृति की विविधता और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सुंदर झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह, उमंग एवं उल्लास से भर दिया। उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग के संकाय सदस्यों तथा विभाग के सभी विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को अभिव्यक्त करने के साथ-साथ शिक्षा के व्यापक सामाजिक एवं मानवीय महत्व को भी रेखांकित किया गया। कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए एक आत्मीय, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय अनुभव बना।

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