आनंदम, 10 बैगलेस डे एवं अरुणोदय विषयक द्विदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का सफल समापन

दनकौर( गौतम बुद्ध नगर )जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में आनंदम, 10 बैगलेस डे एवं अरुणोदय विषयक द्विदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को अनुभवात्मक, रचनात्मक एवं कौशल-आधारित शिक्षण से जोड़ते हुए विद्यालयों में आनंदमय एवं गतिविधि-आधारित अधिगम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तैयार करना रहा।
प्रशिक्षण के उद्घाटन एवं समापन अवसर पर प्राचार्य श्रीमती अर्चना गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि बैगलेस डे, आनंदम एवं अरुणोदय जैसी पहलें विद्यार्थियों में केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता, आत्मविश्वास, जीवन-कौशल, सहयोग, स्वच्छता, स्वास्थ्य, कार्य-कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त अनुभवों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ प्रवक्ता श्री अनिल कुमार ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालयों में सीखने की प्रक्रिया को अधिक आनंददायक, व्यावहारिक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण को नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण में National School of Drama (NSD) से आए प्रमुख संदर्भदाता श्री हिम्मत सिंह नेगी द्वारा नाट्य एवं रंगमंच आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को रचनात्मक अभिव्यक्ति, संवाद, प्रस्तुतीकरण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, रचनात्मक गतिविधियाँ, कला एवं शिल्प, नाट्य एवं रंगमंच, अनुभवात्मक अधिगम, जीवन-कौशल, स्थानीय संसाधनों का उपयोग तथा बैगलेस डे की गतिविधियों को विद्यालयी संदर्भ से जोड़ते हुए विभिन्न प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए यह समझ विकसित की कि इन गतिविधियों को विद्यार्थियों के सीखने के अवसरों में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के नोडल श्री भूपेन्द्र सिंह एवं सह-नोडल डॉ. रेनू द्वारा प्रशिक्षण की समस्त व्यवस्थाओं एवं सत्रों का समन्वय किया गया। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने में श्री भोला कुमार, डॉ. अर्चना आर्या, दीक्षा, श्रीमती रीना, श्रीमती सुमिता, श्री राजेश खन्ना, श्रीमती निधि, श्री संदीप कुमार, श्रीमती नीता, श्री वेद प्रकाश सहित अन्य संदर्भदाताओं एवं शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही।
समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त गतिविधियों एवं अनुभवों को विद्यालयों में लागू कर विद्यार्थियों को आनंदमय, रचनात्मक, कौशल-आधारित एवं अनुभवात्मक सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
अंत में प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संदर्भदाताओं, समन्वयकों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया।






