द्रोण मेले के रंगमंच पर छात्र-छात्राओं ने दी मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

दनकौर:दनकौर स्थित गुरु श्री द्रोणाचार्य के पवित्र प्रांगण में आयोजित धार्मिक, ऐतिहासिक एवं जनपद के प्रसिद्ध 103वें वार्षिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव द्रोण मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। श्री द्रोण नाट्य मंडल के विशाल रंगमंच पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक एवं ऐतिहासिक विषयों पर आधारित गीत, नृत्य, नाटक और विभिन्न मनोहर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में एसएसडी कॉन्वेंट स्कूल, एनएसपीडी पब्लिक स्कूल तथा कैप्टन एकेडमी दनकौर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और ऐतिहासिक घटनाओं को मंच पर जीवंत कर दिया।

विशाल रंगमंच पर प्रस्तुत किए गए धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं सामाजिक एवं ऐतिहासिक विषयों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। गीत और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत अनेक नयनाभिराम दृश्यावलियों और सांस्कृतिक दृश्यों को देखकर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान रंगमंच पर बच्चों की शानदार वेशभूषा, अभिनय, संवाद अदायगी और मंच संचालन ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। छोटी उम्र के छात्र-छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं, उसकी उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। विद्यालयों के शिक्षकों एवं अभिभावकों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
द्रोण मेले में प्रतिदिन आयोजित हो रहे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक दनकौर पहुंच रहे हैं। मेले के विशाल रंगमंच पर स्थानीय कलाकारों और विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इससे मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं का भी सुंदर संगम देखने को मिल रहा है।
श्री द्रोण नाट्य मंडल के विशाल रंगमंच पर छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालयों के प्रतिभागी विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया गया। श्रद्धालुओं ने द्रोण मेले में आयोजित इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बच्चों की प्रतिभा निखारने और भारतीय संस्कृति से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






