ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ‘ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए पदार्थ और उपकरण’ पर एक हफ्ते का संकाय विकास कार्यक्रम संपन्न

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस सभागार में “ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए पदार्थ और उपकरण” विषय पर आयोजित एक सप्ताह का राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम संपन्न हुआ। 7 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित यह व्यापक कार्यक्रम राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित) और डिपार्ट ऑफ अप्लाइड फिज़िक्स, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज़ एंड अप्लाइड साइंस, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस संकाय विकास कार्यक्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय से डॉ. विवेक कुमार शुक्ला और डॉ. आशीष कुमार केशरी एवं राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान,चंडीगढ़ से डॉ. अशोक कुमार और प्रो. पंकज शर्मा समन्वयक रहें।

11 सितंबर, 2026 को समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. राजीव वार्ष्णेय शामिल हुए। अपने समापन उद्बोधन के दौरान प्रो. वार्ष्णेय जी ने विशेष रूप से अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए तैयार की गई उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

इस सप्ताह-व्यापी कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को उन्नत, व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराना था, जो विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और ऊर्जा के अत्याधुनिक भंडारण पर केंद्रित था। संचालन के दौरान ऊर्जा के नुकसान को नियंत्रित करने वाले उपकरणों की चर्चा से, कार्यक्रम ने संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को दक्षता बाधाओं को दूर करने के लिए प्रशिक्षित किया । नवीकरणीय विकल्पों के द्वारा नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन की ओर संक्रमण को तेज करने के लिए आवश्यक सटीक तकनीकी स्थापित करने विचार-विमर्श किया गया ।

इस संकाय विकास कार्यक्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद -अनुमोदित कॉलेजों और विभिन्न सरकारी संगठनों के 50 संकाय सदस्य और शोधकर्ता प्रतिभागियों ने भाग लिया ।

वक्ताओं के विशिष्ट पैनल में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ से डॉ. अशोक कुमार और प्रो. पंकज शर्मा, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय से डॉ. विवेक कुमार शुक्ला, टीईआरआई, दिल्ली से डॉ. गोपाल सारंगी, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रो. मोनिका तोमर, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, नई दिल्ली से डॉ. भानु प्रताप सिंह (वैज्ञानिक जी) और डॉ. पराग शर्मा (वैज्ञानिक एफ), शिव नादर विश्वविद्यालय से प्रो. समरेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. बिन्सन बाबू, शारदा विश्वविद्यालय से डॉ. सतीश कुमार वर्मा और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डीजीएम श्री विवेक शुक्ला शामिल रहे। शैक्षणिक पाठ्यक्रम में आधुनिक ऊर्जा क्षेत्रों का एक विस्तृत स्पेक्ट्रम शामिल था, जिसमें ऊर्जा स्रोत, प्रणालियाँ, राष्ट्रीय ऊर्जा नीति, ऊर्जा भंडारण के लिए नैनोपदार्थ, हाइड्रोजन परिवहन, सम्मिश्रण, गैसीय भंडारण, सॉलिड-स्टेट हाइड्रोजन भंडारण, हाइब्रिड सुपरकैपेसिटर, अगली पीढ़ी के लिथियम और धातु -आयन बैटरी और भारतीय ज्ञान प्रणाली के दृष्टिकोण शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में समन्वयक डॉ. विवेक कुमार शुक्ला ने माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह और रजिस्ट्रार प्रो. चंदर कुमार सिंह के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और आयोजन समिति, तकनीकी कर्मचारियों और छात्रों को धन्यवाद ज्ञापित किया ।

समापन सत्र में भौतिकी विभाग प्रमुख डॉ. मौसमी पोहित, डॉ. भावना जोशी, डॉ. वीनस दिल्लू, डॉ. जया मित्रा, डॉ. अनुराग सिंह बघेल, डॉ. एच. सी. ठाकुर, डॉ. आर. बी. सिंह, डॉ. प्रियंका गोयल, डॉ. मंगल दास, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. निधि सिंह, डॉ. भास्वती बनर्जी, डॉ. धरम वीर मंगल, डॉ. आशा पांडे, डॉ. स्वाति, डॉ. ललिता, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. कोमल, डॉ. संजीव, डॉ. कल्लोल मंडल, सुश्री शिवांगी के साथ-साथ कर्मचारी और शोधार्थी डॉ रवींद्र, श्री सुशील, मानव कुमार शर्मा, रेखा कुमारी, ज्योति, प्रवीण, कनिका, अंकिता, साक्षी और आयुष आदि शामिल रहे।

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