मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहभागी देशों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड-टेबल बैठकें कीं
मोबाइल विनिर्माण, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का किया आह्वान

उत्तर प्रदेश में बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उपजाऊ भूमि और प्रचुर जल संसाधन उपलब्ध – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सहभागी देशों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड-टेबल बैठकें कीं और उत्तर प्रदेश में निवेश तथा व्यवसाय विस्तार के उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चाओं में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश की संभावनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश एक बड़ा उपभोक्ता बाजार, युवा मानव संसाधन, उपजाऊ भूमि और प्रचुर जल संसाधन उपलब्ध कराता है। ये सामर्थ्य सहभागी देशों की कंपनियों के लिए राज्य में निवेश करने, व्यवसाय स्थापित करने और अपने परिचालन का विस्तार करने की व्यापक संभावनाएं पैदा करते हैं।
विमानन क्षेत्र में वियतनामी कंपनियों के लिए निवेश के अवसर
वियतनामी प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश वियतनामी कंपनियों के लिए निवेश के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। उन्होंने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक के विकास में सफलता प्राप्त की है और शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यटन के लिए भी नए अवसर पैदा करेगी। मुख्यमंत्री ने सहभागी देश के रूप में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भाग लेने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया,

रूसी कंपनियों को रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज में निवेश के लिए आमंत्रण
रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड-टेबल बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सहभागी देश के रूप में रूस की भागीदारी पर रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार रूसी प्रतिनिधिमंडल द्वारा रेखांकित रुचि के क्षेत्रों और सुझावों से सहमत है तथा दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ आबादी के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहां भारत का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थित है। रूसी कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपना परिचालन स्थापित कर रही हैं। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में ब्रह्मोस विनिर्माण इकाई स्थापित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने रूसी रक्षा कंपनियों को कानपुर में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूसी मूल की AK-203 राइफल का भी उत्तर प्रदेश में विनिर्माण हो रहा है। यह राज्य में रूसी कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों को दर्शाता है और अधिक उद्यमों को उभरते औद्योगिक इकोसिस्टम का लाभ उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज को रूस के लिए अतिरिक्त अवसर वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट एक मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक विनिर्माण इकाइयों के साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में एक फार्मा पार्क भी विकसित किया जा रहा है। रूसी कंपनियों को ललितपुर में आगामी बल्क ड्रग पार्क में अनुसंधान, विकास और निवेश के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया गया।
कृषि और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग की महत्वपूर्ण संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखलाएं रूसी कंपनियों के लिए सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकती हैं। उत्तर प्रदेश को भारत की फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विशाल उपजाऊ भूमि और प्रचुर जल संसाधन हैं। ये सामर्थ्य कृषि-आधारित उद्योगों और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग के पर्याप्त अवसर पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े MSME केंद्रों में से एक है। यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक और वाणिज्यिक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है, जो सहभागी देशों को राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निर्यात क्षमता और उद्यम इकोसिस्टम को समझने तथा तलाशने का अवसर प्रदान करता है।
बेलारूस की उन्नत मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रण
बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश की भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह पहल चार वर्ष पहले शुरू हुई थी और नवीनतम संस्करण में अपने पवेलियन के माध्यम से बेलारूस को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और विनिर्माण क्षमताओं को समझने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बेलारूस के लिए व्यापक निवेश अवसर प्रदान करता है। राज्य की बड़ी आबादी, उपजाऊ भूमि और प्रचुर जल संसाधन इसे कृषि तथा कृषि-आधारित उद्योगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाते हैं। उन्होंने उन्नत और भारी मशीनरी के क्षेत्र में कार्यरत बेलारूसी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से, उन्होंने बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को राज्य में असेंबली इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
वुड टेक्नोलॉजी और ODOP क्लस्टरों के बीच सहयोग के अवसर
मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) पहल की ताकत और संभावनाओं से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों ने लकड़ी प्रसंस्करण और संबंधित उत्पादों में मजबूत क्षमताएं विकसित की हैं। बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को इन उत्पादन क्लस्टरों से जोड़ने से स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादकता और वैश्विक पहचान को मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की लगभग 56 प्रतिशत आबादी युवा है। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी संस्थानों का मजबूत नेटवर्क है। इसलिए बेलारूसी कंपनियां भारी प्रौद्योगिकी से संबंधित तकनीकी संस्थानों की स्थापना और आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं के प्रशिक्षण में सहयोग की संभावनाएं तलाश सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन अवसरों को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों पक्षों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के नए रास्ते खोलने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है।
जापान के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने भारत में जापान के राजदूत ओनो केइइची और JETRO इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल डाइसाकु युकिता के साथ चर्चा की। बैठक में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश प्रोत्साहन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। चर्चाओं में सारनाथ और नारा प्रीफेक्चर के बीच संबंधों को और गहरा करने के अवसरों पर भी विचार किया गया, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सिंगापुर के साथ निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई गति
मुख्यमंत्री ने भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख निवेशकों के साथ भी संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार और Invest UP द्वारा उत्तर प्रदेश तथा सिंगापुर के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। बैठक में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सिंगापुर सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि व्यक्त की।
25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ समूह फोटोग्राफ
राउंड-टेबल बैठकों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सहभागी देशों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के प्रतिनिधियों के साथ समूह फोटोग्राफ में भाग लिया। ट्रेड शो में 25 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी को उत्तर प्रदेश की वैश्विक औद्योगिक और वाणिज्यिक पहुंच के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह राज्य की विनिर्माण क्षमताओं, निर्यात इकोसिस्टम, बुनियादी ढांचे, क्षेत्रवार अवसरों और निवेश क्षमता में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि को भी दर्शाता है।






