किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन में उमड़ा किसानों का सैलाब, मांगों को लेकर प्राधिकरण अधिकारियों से हुई विस्तृत वार्ता

नोएडा: भारतीय किसान यूनियन मंच के नेतृत्व में चल रहे किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन के तहत आज क्षेत्र के हजारों किसान भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। आंदोलन में किसानों के साथ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए किसान एकता का परिचय दिया।
किसानों ने गांवों में किसानों की आबादी तोड़े जाने, धारा-10 के नोटिस जारी किए जाने तथा किसानों के 5 प्रतिशत प्लॉटों से जुड़े मामलों को लेकर प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। पूरे दिन धरना स्थल पर किसानों और पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक की स्थिति बनी रही, लेकिन किसान अपनी मांगों पर मजबूती से डटे रहे।
शाम के समय किसानों के बीच वार्ता का प्रस्ताव लेकर ओएसडी क्रांति शेखर एवं इंद्रूप्रकाश पहुंचे, लेकिन किसानों ने यह कहते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि किसानों की समस्याओं पर वार्ता किसानों के बीच आकर की जाए। किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसीओ पुष्पराज सिंह किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे किसानों ने स्वीकार किया।
इसके पश्चात किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सीईओ कृष्णा कर्णेश की अध्यक्षता में विस्तृत बैठक हुई। बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों पर गंभीरता से चर्चा की गई, जिनमें—
– गांवों में नक्शा नीति का विरोध एवं किसानों को उससे राहत।
– किसानों की संपूर्ण आबादी का विनियमीकरण।
– अर्जित भूमि के सापेक्ष किसानों को 5+5 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत प्लॉट का प्रावधान।
– किसानों के 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान।
– 100 प्रतिशत मुआवजा उठाने के बाद 10 प्रतिशत राशि वापस जमा कर 5 प्रतिशत प्लॉट का प्रावधान पुनः लागू करना।
– किसानों के अवंटित 5 प्रतिशत प्लॉटों का आवंटन तथा उन पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति।
– वर्ष 1976 से 1997 के बीच के किसान कोटा प्लॉटों का समाधान।
– गांवों में किसानों के लिए समुचित विकास कार्य कराए जाने सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगें।
वार्ता के दौरान प्राधिकरण की ओर से कुछ मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाई दिया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने भी अधिकारियों के समक्ष अपनी सभी मांगें मजबूती से रखीं। वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती हुई दिखाई दी, लेकिन किसानों की सभी मांगों का अंतिम समाधान अभी बाकी है।
भारतीय किसान यूनियन मंच ने निर्णय लिया है कि कल पुनः सभी किसानों को धरना स्थल पर बुलाया जाएगा। किसानों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद संगठन आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय करेगा।
भारतीय किसान यूनियन मंच स्पष्ट करता है कि किसानों के अधिकारों और सम्मान की इस लड़ाई को मजबूती से जारी रखा जाएगा और जब तक किसानों की जायज मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।






