परशुराम जन्मोत्सव समारोह में संतों, साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों का विराट समागम

ग्रेटर नोएडा:ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समारोह सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक आस्था एवं वैचारिक समन्वय का अद्वितीय संगम बनकर उभरा। गरिमामयी वातावरण में संपन्न इस विराट आयोजन ने न केवल समाज के विविध आयामों को एक मंच पर समाहित किया, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सशक्त संदेश भी प्रसारित किया।
समारोह का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुरूप आचार्य रविकांत दीक्षित द्वारा गुरुकुल बटुकों के स्वस्तिवाचन एवं मंगलाचरण के मध्य अतिथियों तथा अध्यक्ष मंडल के दीप प्रज्वलन से हुआ। वैदिक ऋचाओं से गुंजायमान सभागार में आध्यात्मिक आभा और सांस्कृतिक अनुशासन का अनुपम समन्वय दृष्टिगोचर हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, पूर्व विधायक एवं राज्य मंत्री मुकूल उपाध्याय, नगर पालिका परिषद खैर (अलीगढ़) के चेयरमैन संजय शर्मा तथा समाजसेवी एवं टीवी न्यूज चैनल के सीईओ शैलेन्द्र शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने भगवान श्री परशुराम के व्यक्तित्व को राष्ट्रधर्म, शौर्य, ज्ञान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए समाज को संगठित एवं संस्कारित करने का आह्वान किया।
समारोह का विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध फिल्मी गीतकार संतोष आनंद की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके ओजस्वी एवं संवेदनापूर्ण उद्बोधनों ने श्रोताओं को भावनात्मक रूप से आंदोलित कर दिया। साहित्यिक गरिमा और संवेदनशील अभिव्यक्ति से परिपूर्ण उनकी प्रस्तुति समारोह के सांस्कृतिक उत्कर्ष का केंद्र बिंदु बनी रही।
हरिद्वार से पधारे पूज्य संत प्रवर आनंद ब्रह्मचारी महाराज, जो अंतरराष्ट्रीय गोरक्षक संघ के उपाध्यक्ष भी हैं, ने अपने आध्यात्मिक एवं ओजस्वी प्रवचनों से संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस एवं आध्यात्मिक चेतना से अनुप्राणित कर दिया। उनके उद्बोधन ने भारतीय संस्कृति, धर्म एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।
ब्राह्मण सभा के सचिव बृजेश कुमार शर्मा के अथक प्रयासों से भगवान श्री परशुराम की फाइबर ग्लास निर्मित भव्य प्रतिमा भेंट किए जाने का विशेष आयोजन भी संपन्न हुआ। संत प्रवर आनंद ब्रह्मचारी महाराज की साक्षी उपस्थिति में यह क्षण आयोजन के गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक आयाम के रूप में स्मरणीय बन गया।
एवं सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाइयाँ प्रदान कीं। कवयित्री शिखा दीप्ति तथा कवि अमित शर्मा, मुकेश शर्मा एवं राज सिंघल ने अपनी सशक्त काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ओज, व्यंग्य, संवेदना एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत रचनाओं ने कार्यक्रम को विशिष्ट साहित्यिक गरिमा प्रदान की।
ब्राह्मण सभा पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समाजोत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण एवं युवा पीढ़ी में संस्कार जागरण के उद्देश्य से ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, बुद्धिजीवियों एवं सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और अधिक विस्तार प्रदान किया।
सभा अध्यक्ष सुरेश चंद्र पचौरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर पूर्व डीजीसी देवी शरण शर्मा, संयोजक सुनील शर्मा, अजीत प्रधान, वेद प्रकाश शर्मा, हरिओम शर्मा, वेद कुमारी मुद्गल, हरेंद्र शर्मा, यतेंद्र शर्मा, सुमन कुमार शर्मा, महेश शर्मा बाडोली, निर्वेश मुद्गल, अखिलेश पाठक, गौरव उपाध्याय, ममता तिवारी, छाया शुक्ला, कुलदीप शर्मा, अनुज उपाध्याय, ब्रजेश शर्मा, जी.पी. गोस्वामी, डॉ. आरती शर्मा, भगवत प्रसाद शर्मा, चित्र कुमार एवं सुभाष शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
रिपोर्ट-भगवत प्रसाद शर्मा
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