दनकौर

103वें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले में रंगमंच पर बिखरी सांस्कृतिक छटा

पंजाबी व राजस्थानी कलाकारों ने नृत्य से बांधा समां, सूफी गीतों पर देर रात तक झूमे दर्शक

दनकौर : 103वें वार्षिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले के अवसर पर सोमवार रात श्री द्रोण नाट्य मंडल के विशाल रंगमंच पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंजाबी एवं राजस्थानी ग्रुप के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से रंगमंच पर लोक संस्कृति के विविध रंग बिखेरे। कलाकारों के मनमोहक नृत्य और आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।

कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से की गई। पंजाबी कलाकारों ने भांगड़ा सहित विभिन्न लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों में उत्साह भर दिया। वहीं राजस्थानी कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोक नृत्य के माध्यम से राजस्थान की संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

इसके बाद सूफी गायक इकबाल ने अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने एक से बढ़कर एक सूफी गीत प्रस्तुत किए, जिन पर मेले में मौजूद दर्शक देर रात तक झूमते रहे। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, रंगमंच के सामने दर्शकों की भीड़ बढ़ती गई। युवाओं के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

मेले में पहुंचे लोगों ने कहा कि श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह वार्षिक मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला और संस्कृति का भी प्रमुख केंद्र है। रंगमंच पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले में आने वाले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान श्री द्रोण नाट्य मंडल के पदाधिकारी, मेला समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे। देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

रिपोर्टर घनश्याम पाल

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