पुलिस चौकी पर रातों रात चला बुल्डोजर किसी को कानों-कान खबर तक नहीं लगी
यूपी इंडस्ट्रीज चेयरमैन तरसेम गुर्जर की शिकायत पर रोका गया काम

औरंगाबाद (बुलंदशहर )औरंगाबाद कस्बे में पुराने थाना भवन पर रातों रात चला बुल्डोजर। खास बात यह रही कि बगल में कस्बा चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कानों-कान खबर तक नहीं लगी। सुबह यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन वरिष्ठ भाजपा नेता तरसेम गुर्जर ने मंत्री सोमेंद्र तोमर, अनु सचिव प्रदेश सरकार, तथा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ए डी एम, एस डी एम सदर को मामले से अवगत कराया। उसके बाद पुलिस हरकत में आई और फिलहाल काम बंद हो गया। कब तक यह भविष्य ही बताएगा।
दूसरों की जान माल की हिफाजत करने वाली पुलिस अपने घर की ही रखवाली नहीं कर सकी। ऐसा उस समय प्रतीक हुआ जब स्टेट हाइवे स्थित पुराने थाना भवन की बिल्डिंग को रातों-रात बुल्डोजर चलवा कर ढहा दिया गया। वर्ष 2002 से पहले औरंगाबाद थाना इसी बिल्डिंग में संचालित होता रहा लेकिन वर्ष 2002 में नवीन थाना बिल्डिंग बन जाने पर थाना उस नव निर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। तय हुआ कि थाना कस्बे के मध्य से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित होने के चलते कस्बे की सुरक्षा हेतु एक चौकी की आवश्यकता है इसलिए पुराने थाना भवन में पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई जो वर्तमान समय में शांति समीति की बैठकों और कस्बे के नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई के कखम आती है।
भूमि के स्वामित्व के विषय में बताया जाता है कि कस्बे के रईस,पूर्व चेयरमैन सैयद मतलूब अली ने उक्त भूमि थाने के लिए दान में दे दी थी। बताया जा रहा है कि किसी नामचीन बिल्डर ने स्वर्गीय मतलूब अली के वारिसों से उक्त जमीन को खरीदने के पश्चात भूमि पर कब्जा जमाया है।
भाजपा नेता एवं यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन तरसेम गुर्जर ने शासन प्रशासन को भेजे शिकायती पत्र में यह भी लिखा है कि थाने की लगभग दो बीधा जमीन में एल एम सी की भी भूमि सम्मिलित है। उन्होने प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच पड़ताल कराकर अधिकारियों की सांठगांठ से हुए अवैध कब्जे को रूकवाने की मांग की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने काम रुकवा दिया है। काम कब तक रूका रहेगा यह वक्त ही बता पायेगा।
कस्बा चौकी इंचार्ज सौबरन सिंह ने पूछने पर बताया कि पुरानी बिल्डिंग की साफ सफाई कराये जाने की बात कही गई थी। इरादों की भनक लगते ही काम रुकवा कर मजदूरों को चलता कर दिया गया था। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






