श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में हरियाली तीज के अवसर पर मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित

दनकौर: श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में हरियाली तीज के अवसर पर छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिव्यक्ति तथा भारतीय लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पारंपरिक एवं समकालीन मेहंदी डिजाइनों के माध्यम से अपनी कलात्मक दक्षता एवं सृजनात्मक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव रजनीकान्त अग्रवाल एवं उपप्राचार्या एवं आई .क्यू . ए. सी . समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रतियोगिता का आयोजन गृह विज्ञान विभाग की डॉ. निशा शर्मा के संयोजन में किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. प्रीति रानी सेन, डॉ. अजमत आरा एवं सुश्री हनी शर्मा शामिल रहीं। निर्णायक मंडल द्वारा मेहंदी डिजाइनों की मौलिकता, सौंदर्य, कलात्मकता, स्वच्छता एवं प्रस्तुतीकरण के विभिन्न मानकों के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
प्रतियोगिता में सायना (बी.एससी.) ने प्रथम स्थान, रीना (बी.ए.) ने द्वितीय स्थान तथा मुस्कान (बी.एससी.) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर कॉलेज के सचिव श्री रजनीकान्त अग्रवाल ने विजेता छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं से जुड़े ऐसे आयोजन छात्राओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने प्रतिभागी छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारतीय त्योहारों एवं लोक परंपराओं पर आधारित रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनकी सृजनात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
हरियाली तीज की सांस्कृतिक एवं उत्सवी भावना को अभिव्यक्त करते हुए कहा गया—
“सावन की फुहार, तीज का त्योहार,
मेहंदी के रंगों से सजे खुशियों का संसार।”
कार्यक्रम गरिमापूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।






