पैंक्रियास की बीमारियों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर पहचान और उपचार है जरूरी

बुलंदशहर: पैंक्रियास शरीर का एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन प्रक्रिया और रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद अग्न्याशय से जुड़ी बीमारियों के बारे में आम लोगों में जागरूकता काफी कम है। अक्सर इनके शुरुआती लक्षणों को सामान्य पाचन संबंधी समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिसके कारण बीमारी का पता देर से चलता है और उपचार जटिल हो सकता है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर डायरेक्टर जीआई एवं हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी सर्जरी, डॉ. राजेश कपूर ने बताया कि अग्न्याशय की प्रमुख बीमारियों में एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस , क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस (दीर्घकालिक सूजन) और अग्न्याशय के ट्यूमर, विशेष रूप से पैंक्रियाटिक कैंसर शामिल हैं। इन बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस में मरीज को पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द होता है, जो अक्सर पीठ तक फैल सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी, पेट फूलना और बुखार जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
डॉ. कपूर ने कहा कि क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें अग्न्याशय में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है और धीरे-धीरे इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। इससे बार-बार पेट दर्द, वजन कम होना, भोजन का सही तरीके से पाचन न होना और मधुमेह जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। धूम्रपान और शराब इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं, जबकि कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
डॉ. राजेश कपूर ने कहा, “कई मरीज सर्जरी का नाम सुनकर घबरा जाते हैं, लेकिन पिछले दो दशकों में अग्न्याशय की सर्जरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज आधुनिक तकनीकों, उन्नत इमेजिंग, अनुभवी सर्जिकल टीमों और मल्टीडिसिप्लिनरी देखभाल की मदद से जटिल पैंक्रियाटिक सर्जरी पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गई हैं।”
डॉ. कपूर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि लगातार पेट दर्द, बार-बार पाचन संबंधी समस्याएं, बिना कारण वजन घटना, पीलिया या पेट दर्द के बार-बार होने वाले दौरे जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से बीमारी की सही पहचान और प्रभावी उपचार संभव हो सकता है।






