जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ के ‘मेराकी–2026’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को दिया विकसित भारत के निर्माण का मंत्र
जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ द्वारा छह वर्षों में शिक्षा, कौशल विकास एवं प्लेसमेंट के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना, कहा "मैं सदैव युवाओं के साथ खड़ा हूं"

ग्रेटर नोएडा:जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा द्वारा स्नातकोत्तर प्रबंधन डिप्लोमा (पीजीडीएम) सत्र 2026–28 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत हेतु आयोजित भव्य “मेराकी–2026” ओरिएंटेशन कार्यक्रम इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा* में अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शिक्षा, उद्योग, नेतृत्व, प्रेरणा एवं मनोरंजन का अद्भुत संगम बने इस आयोजन में देशभर से आए विद्यार्थियों, अभिभावकों, उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों तथा शिक्षाविदों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री माननीय श्री चिराग पासवान रहे ,कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने की। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन श्री गौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य श्री वंश गुप्ता, जीआईएमएस के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम सहित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सभी निदेशकगण, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस भव्य कार्यक्रम में 23 राज्यों से आए 450 से अधिक नवप्रवेशित विद्यार्थियों* , उनके अभिभावकों, 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों , उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। पूरे सभागार में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने कार्यक्रम की भव्यता और सुव्यवस्थित आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय मंच संचालन जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ की डीन डॉ. शालिनी शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।
अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी संबोधन में माननीय श्री चिराग पासवान ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और देश का भविष्य आज के विद्यार्थियों के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा शिक्षा, कौशल, अनुशासन, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को अपने जीवन का आधार बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज का दौर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि स्वयं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने का है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचाननी होगी, चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना होगा तथा निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले, नवाचार करने वाले और समाज को नई दिशा देने वाले नेतृत्वकर्ता बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। भारत आज विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और युवाओं के लिए असीम अवसर उपलब्ध हैं।
अपने संबोधन के दौरान माननीय श्री चिराग पासवान ने जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ द्वारा विगत छह वर्षों में शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग, प्रशिक्षण, नवाचार, शोध एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि अल्प समय में जीआईएमएस ने गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है और हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि जीआईएमएस विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है। यह संस्थान देश के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल है जो विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा पर समान रूप से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “मैं सदैव देश के युवाओं के साथ खड़ा हूं। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़े हर सकारात्मक प्रयास में मेरा पूरा सहयोग रहेगा। भारत का भविष्य उसके युवा हैं और युवाओं की सफलता ही देश की सफलता है।”
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएनआईओटी समूह पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, नैतिक और सक्षम नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि जीआईएमएस विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, उद्योग अनुभव एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी को वैश्विक स्तर का प्रबंधन पेशेवर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, वर्तमान समय में उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। जीएनआईओटी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल कौशल एवं उद्योग आधारित शिक्षा के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है।
उद्योग से जुड़ी शिक्षा ही सफलता का आधार, भविष्य नवाचार करने वालों का है -डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग-अकादमिक सहयोग, वैश्विक प्रमाणन, अनुसंधान, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ साझा की। विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाना और नवाचार की सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
अडानी एंटरप्राइज ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुधीर दासमंथराव ने कहा कि भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो सीखना कभी बंद नहीं करेंगे। उन्होंने नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान कौशल और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया।
पीडब्ल्यूसी के निदेशक श्री शिखर गुप्ता ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण और डिजिटल परिवर्तन को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों से स्वयं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का आह्वान किया।
पीपल ग्रुप के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अनुपम मित्तल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, जोखिम उठाने और असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफल वही होता है जो परिस्थितियों को अवसर में बदलना जानता है।
एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक श्री मनहर शर्मा ने कहा कि वैश्विक कॉर्पोरेट जगत केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यवहार, नेतृत्व, टीमवर्क और व्यावसायिक उत्कृष्टता को महत्व देता है।
प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री सोनू शर्मा ने अपने ऊर्जावान संबोधन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संचार किया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं पर विश्वास रखे तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं मनोरंजक क्षण प्रसिद्ध हास्य कलाकार, अभिनेता, लेखक एवं मंच संचालक श्री इंदर साहनी की प्रस्तुति रही , उन्होंने अपनी सशक्त हास्य शैली, प्रभावशाली संवाद और प्रेरणादायी संदेशों से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। विद्यार्थियों, अभिभावकों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों एवं सभी अतिथियों ने उनके कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। मनोरंजन के साथ उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, तनावमुक्त जीवन और मुस्कुराते हुए चुनौतियों का सामना करने का संदेश भी दिया, जिसे सभी ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग सहभागिता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, नवाचार एवं अनुसंधान आधारित शिक्षण प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के माध्यम से न केवल संस्थान की कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर भी प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया।
“मेराकी–2026” केवल एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, नेतृत्व, उद्योग से जुड़ाव, व्यक्तित्व विकास और सफल करियर की दिशा में एक सशक्त एवं यादगार शुरुआत सिद्ध हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्थापित किया कि जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट प्लेसमेंट, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।






