गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने थाईलैंड की क्रिरक यूनिवर्सिटी के साथ LOI के ज़रिए अपने इंटरनेशनल एकेडमिक संबंधों को बढ़ाया
गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने शिक्षा, रिसर्च और स्टूडेंट एक्सचेंज को आगे बढ़ाने और भारत-थाईलैंड के एकेडमिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए थाईलैंड की क्रिरक यूनिवर्सिटी के साथ एक LOI (लेटर ऑफ़ इंटेंट) पर किया साइन

ग्रेटर नोएडा : गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने शिक्षा, रिसर्च, स्टूडेंट मोबिलिटी और फैकल्टी डेवलपमेंट में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए थाईलैंड की क्रिरक यूनिवर्सिटी के साथ एक लेटर ऑफ़ इंटेंट (LOI) पर साइन किया है। यह पहल जापान, वियतनाम, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम में यूनिवर्सिटी के मौजूदा इंटरनेशनल एकेडमिक संबंधों को और आगे बढ़ाती है। बैंकॉक स्थित इस संस्थान की ओर से क्रिरक यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल अफेयर्स के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. जारन मालुलीम ने LOI पर साइन किया। दोनों यूनिवर्सिटीज़ का इरादा जॉइंट और सहयोगी एकेडमिक प्रोग्राम, करिकुलम डेवलपमेंट और ज्ञान के आदान-प्रदान की संभावनाओं को तलाशना है। प्रस्तावित रिसर्च सहयोग में जॉइंट पहल, सहयोगी पब्लिकेशन और साझा रिसर्च सुविधाओं तक पहुंच शामिल है। स्टूडेंट एक्सचेंज, क्रेडिट ट्रांसफर, फैकल्टी ट्रेनिंग, एंटरप्रेन्योरशिप और महिला लीडरशिप डेवलपमेंट को भी सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी के CEO डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “क्रिरक यूनिवर्सिटी के साथ हमारा जुड़ाव थाईलैंड के साथ हमारे संबंधों को मज़बूत करता है और जापान, वियतनाम, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम में विकसित हो रहे हमारे एकेडमिक संबंधों को और आगे बढ़ाता है। हम चाहते हैं कि ये संबंध ग्लोबल क्लासरूम तक व्यापक पहुंच, साझा रिसर्च और ऐसे अनुभवों में बदलें जो हमारे छात्रों को अलग-अलग संस्कृतियों में आत्मविश्वास के साथ योगदान करने के लिए तैयार करें।” थाईलैंड के साथ यह जुड़ाव जापान के साथ गलगोटियास यूनिवर्सिटी के संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के बाद हुआ है। यूनिवर्सिटी ने हाल ही में गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में यामानाशी प्रान्त के 200 सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की। इस दौरे में यामानाशी प्रान्तीय सरकार के साथ एक MoU और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ एक LOI पर साइन किए गए, जिससे टैलेंट मोबिलिटी और क्लीन-एनर्जी रिसर्च में सहयोग की नींव पड़ी। चर्चाओं में ग्रीन हाइड्रोजन, छात्र और रिसर्चर एक्सचेंज, हेल्थकेयर शिक्षा और वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसे विषयों पर बात की गई।
वियतनाम में, गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने UEF (हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस) और HUTECH (हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी) के साथ अपने संबंधों को मज़बूत किया है। UEF के साथ जुड़ाव से इनोवेशन, एप्लाइड रिसर्च और फैकल्टी डेवलपमेंट में साझा हितों का पता चला है, जबकि HUTECH के साथ हुए MoU से स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च और इंडस्ट्री के साथ मज़बूत कनेक्शन के लिए आधार तैयार हुआ है। फ्रांस में, YNOV कैंपस के साथ यूनिवर्सिटी का जुड़ाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और कंप्यूटर साइंस में इंडो-फ्रेंच डुअल-कैंपस मास्टर्स प्रोग्राम के ज़रिए इंटरनेशनल स्टडी के मौकों को बढ़ावा देता है। ये प्रोग्राम इस तरह से बनाए गए हैं कि एक साल भारत में गलगोटियास यूनिवर्सिटी में और एक साल फ्रांस में YNOV कैंपस में पढ़ाई होती है, जिससे खास टेक्निकल एजुकेशन को इंटरनेशनल एकेडमिक अनुभव से जोड़ा जा सके। यूनिवर्सिटी का इंटरनेशनल जुड़ाव यूनाइटेड किंगडम की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज, गिर्टन कॉलेज तक भी फैला हुआ है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी और गिर्टन कॉलेज के बीच हुए MoU के तहत, 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटरप्रेन्योरशिप पर केंद्रित दो हफ़्ते के समर प्रोग्राम के लिए गलगोटियास के 16 स्टूडेंट्स को चुना गया था, और उनकी भागीदारी का पूरा खर्च गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने उठाया था। यह पहल दिखाती है कि कैसे संस्थागत रिश्ते स्टूडेंट्स के लिए इंटरनेशनल लर्निंग के मौकों में बदल सकते हैं। ये सभी जुड़ाव मिलकर अलग-अलग एकेडमिक माहौल में स्टूडेंट मोबिलिटी, फैकल्टी डेवलपमेंट, एप्लाइड रिसर्च और खास पढ़ाई को जोड़ते हैं। क्रिर्क यूनिवर्सिटी के साथ हुआ LOI इस जुड़ाव को साउथ-ईस्ट एशिया तक बढ़ाता है और दोनों संस्थानों के लिए साझा प्राथमिकताओं की पहचान करने और आपसी सहमति से गतिविधियां विकसित करने का आधार बनाता है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी के बारे में गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख मल्टी-डिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटीज़ में से एक है, जो एकेडमिक एक्सीलेंस, रिसर्च, इनोवेशन, ग्लोबल सहयोग और इंडस्ट्री के हिसाब से एजुकेशन के लिए जानी जाती है। 50,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स की जीवंत कम्युनिटी और 100,000 से ज़्यादा ग्रेजुएट्स के ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क के साथ, यूनिवर्सिटी ने टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और असल दुनिया पर असर डालने वाले कामों पर केंद्रित एक तेज़ी से बढ़ता हुआ इकोसिस्टम बनाया है।
Quacquarelli Symonds की QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में, गलगोटियास यूनिवर्सिटी को 1201-1400 ग्लोबल बैंड में जगह मिली और यह भारत की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में 16वें और सभी यूनिवर्सिटीज़ में 46वें स्थान पर रही। Times Higher Education वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में, यूनिवर्सिटी को 1201-1500 ग्लोबल बैंड में रखा गया और यह भारत की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में 27वें और सभी यूनिवर्सिटीज़ में 65वें स्थान पर रही। यूनिवर्सिटी को NAAC A+ एक्रेडिटेशन भी मिला है, जो भारत की सबसे अच्छी इंस्टीट्यूशनल क्वालिटी रेटिंग्स में से एक है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर, बिज़नेस, लॉ, मीडिया, डिज़ाइन, हेल्थ साइंसेज़, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और उभरते हुए इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में प्रोग्राम ऑफ़र करती है। 2026 में, स्टूडेंट्स को 1,250 से ज़्यादा रिक्रूटर से 5,500 से ज़्यादा जॉब ऑफ़र मिले। यूनिवर्सिटी ने Apple, Infosys, IBM, Accenture, Microsoft, byteXL, Intel, Cisco, Tata Technologies, L&T EduTech, Capgemini और Salesforce जैसे संगठनों के साथ मज़बूत इंडस्ट्री और इनोवेशन पार्टनरशिप बनाई है, साथ ही अपने ग्लोबल एकेडमिक एंगेजमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मज़बूत करना जारी रखा है।






