“‘मन की बात’ का 133वां संस्करण: आत्मनिर्भर भारत की संकल्प धारा का सशक्त उद्घोष”
“विज्ञान, संस्कृति और जनशक्ति का संगम: ‘मन की बात’ में उभरता नवभारत”

“लोकल से ग्लोबल तक: ‘मन की बात’ में उन्नति और आत्मगौरव का मंत्र”
ग्रेटर नोएडा:भारतीय जनता पार्टी ग्रेटर नोएडा मण्डल में प्रधानमंत्री के लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का सामूहिक श्रवण उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मण्डल अध्यक्ष श्री अर्पित तिवारी के नेतृत्व में सभी बूथों पर सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया गया। मीडिया प्रभारी भगवत प्रसाद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को रेखांकित किया तथा कलपक्कम न्यूक्लियर रिएक्टर को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि देश सौर और पवन ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। आगामी जनगणना 2027 को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए उन्होंने नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय डेयरी उद्योग की सफलता का उल्लेख करते हुए कालारी और छुर्पी जैसे पारंपरिक उत्पादों की वैश्विक पहचान को सराहा। साथ ही लोक संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए “लाखा जी के बाराती” जैसी लोक कलाओं को हमारी सांस्कृतिक धरोहर बताया।
पूर्वोत्तर भारत में बांस आधारित उद्योगों से रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण तथा वन्यजीवों की वापसी जैसे सकारात्मक संकेतों का भी उल्लेख किया गया। अंत में, उन्होंने वैश्विक शांति के लिए भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया।
यह कार्यक्रम आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रिपोर्ट भगवत प्रसाद शर्मा






