ग्रेटर नोएडा

भ्रष्टाचार:गड़ाना के सरकारी विद्यालय की अत्यंत गंभीर स्थिति -अभिषेक

वीर, विराट एसोसिएशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक ने लिखा माननीय मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र

बच्चों के जीवन से खुलेआम हो रहा है खिलवाड़ दोषी अधिकारियों के खिलाफ हो कठोर कार्रवाई

बिलासपुर: वीर, विराट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ समजसेवी अभिषेक ने ग्राम गड़ाना के सरकारी विद्यालय की अत्यंत गंभीर स्थिति को लेकर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से इस तरफ शीघ्र ध्यान देकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्यवाही करते हुए इस समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग कि है,

वीर, विराट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक एवं  समाज सेवी ने  अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मैं आपके समक्ष ग्राम गड़ाना के सरकारी विद्यालय की अत्यंत गंभीर स्थिति को प्रस्तुत करना रहा हूं, इस विद्यालय की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर और खस्ताहाल अवस्था में है, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों की जान को हर समय खतरा बना रहता है। विद्यालय की बाउंड्री वाल भी नहीं है, जिसके कारण सुरक्षा की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है।

मैं स्वयं भी इसी विद्यालय का छात्र रह चुका हूं और इस स्कूल से मेरा गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। जब मैंने विद्यालय की मरम्मत एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर वहां की शिक्षिकाओं से एक आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया, तब शिक्षिका उर्वशी एवं शिक्षिका अंजली मिश्रा ने उस पत्र को फाड़ दिया। उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर करने से मना कर दिया कि वे सरकार के अधीन कार्य करती हैं और सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकतीं।

माननीय मुख्यमंत्री जी, मेरा उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय के पुनर्निर्माण की मांग करना है। मैं आपसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा जिन अधिकारियों के अंतर्गत यह विद्यालय आता है, उनके खिलाफ आवश्यक एवं सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग की जल्द से जल्द मरम्मत कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

मुझे विश्वास है कि आपकी संवेदनशील सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कदम उठाएगी।

प्रश्न उठता है कि बच्चों के भविष्य को लेकर यदि कोई समाजसेवी कोई कदम उठाता है तो स्टाफ द्वारा इस तरह का दुर्व्यवहार करना कहां तक उचित है उच्च अधिकारियों को मामले की जांच कर दोषी अध्यापिकाओं  के खिलाफ तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए, यदि अंधा बहरा गूंगा भ्रष्ट शिक्षा विभाग कोई कार्यवाही नहीं करता है तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी,

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