दनकौर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में हुआ भव्य एवं आध्यात्मिक समारोह का आयोजन

दनकौर:श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज दनकौर गौतम बुद्ध नगर में भव्य एवं आध्यात्मिक समारोह का आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य एवं आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सचिव  रजनीकांत अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण जी की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया गया। इसके उपरांत उपस्थित महाविद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया। समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जी की मनमोहक झूला-झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रंग-बिरंगे पुष्पों एवं आकर्षक सज्जा से सुसज्जित झांकी ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक छटा को और अधिक मनोहारी बना दिया।

इस अवसर पर उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता ने भगवान श्रीकृष्ण जी को एक महान युगपुरुष बताते हुए उनके बहुआयामी व्यक्तित्व एवं जीवन-दर्शन पर अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी केवल महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व ही नहीं थे, बल्कि वे कुशल नीति-निर्माता, श्रेष्ठ मार्गदर्शक, आदर्श मित्र, कर्मयोगी एवं मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले महान व्यक्तित्व थे।

उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता मनुष्य को कर्तव्यनिष्ठा, निष्काम कर्म, आत्मविश्वास, धैर्य एवं जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है। डॉ. रश्मि गुप्ता ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भगवान श्रीकृष्ण जी के आदर्शों एवं श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कर सकारात्मक, कर्तव्यनिष्ठ एवं मूल्यनिष्ठ जीवन का निर्माण करें।

डॉ. राजीव पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण जी के जीवन, उनके व्यक्तित्व एवं उनके द्वारा दिए गए जीवन-दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जी का जीवन हमें प्रत्येक परिस्थिति में सत्य, धर्म, कर्म एवं मानवता के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

वहीं  अमित नागर ने भगवान श्रीकृष्ण जी की विभिन्न लीलाओं एवं उनके आध्यात्मिक महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीकृष्ण जी के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को महत्वपूर्ण जीवन-मूल्यों एवं मानवीय शिक्षाओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ रहीं। डॉ. निशा शर्मा ने सुंदर भजन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इसके अतिरिक्त एम.कॉम. की छात्रा मानशी कसाना तथा बी.ए. की छात्रा वंशिका ने भी भगवान श्रीकृष्ण जी को समर्पित मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को अत्यंत भक्तिमय बना दिया।

समारोह के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की”, “राधे-राधे” तथा “श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवाय” आदि भक्तिमय जयघोषों से समस्त महाविद्यालय परिसर गूंज उठा। इन भजनों एवं जयकारों ने संपूर्ण वातावरण को श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. निशा शर्मा, गृह विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ की गरिमामयी एवं उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। सभी ने श्रद्धा एवं उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सहभागिता की।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण जी के जीवन-मूल्यों, श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों तथा प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य, कर्म और मानवता जैसे आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी सिद्ध हुआ।

 

 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!