ग्रेटर नोएडा

GNIOT इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में संकाय और छात्र अनुसंधान एवं विकास (R&D) ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन

ग्रेटर नोएडा: जीएनआईओटी इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट (GNIOT Engineering Institute) के ग्राउंड फ्लोर सेमिनार हॉल में 21 सितंबर 2026 को दोपहर 11:45 बजे से 01:00 बजे तक एक विशेष ‘फैकेल्टी एंड स्टूडेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम जीएनआईओटी बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (GNIOT Business Incubation Centre) द्वारा सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागों के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस सत्र में 100 से अधिक छात्रों और संकाय सदस्यों (Faculty Members) ने भाग लिया और लाभ उठाया।

इस सत्र के मुख्य वक्ता सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मोहित गुप्ता थे। उन्होंने अनुसंधान (Research), गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन (Quality Publications), बौद्धिक संपदा (Intellectual Property), अनुसंधान निधि (Research Funding) और अकादमिक दृश्यता (Academic Visibility) पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में छात्रों और संकाय सदस्यों को अनुसंधान, प्रकाशन, नवाचार और बौद्धिक संपदा विकास के प्रति एक व्यवस्थित, नैतिक और साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।

अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र: समस्या की पहचान से लेकर अनुसंधान प्रभाव तक की पूरी प्रक्रिया को समझना।

शोध पत्र संरचना: एक मजबूत शीर्षक, सारांश (Abstract), कार्यप्रणाली (Methodology), परिणाम और निष्कर्ष के साथ शोध पत्र तैयार करना।

जर्नल का चयन और इंडेक्सिंग: स्कोप, इंडेक्सिंग, गुणवत्ता मैट्रिक्स और लागत के आधार पर उपयुक्त जर्नल चुनना; आधिकारिक डेटाबेस के माध्यम से SCIE, ESCI और Scopus इंडेक्सिंग का सत्यापन करना।

मीट्रिक्स और संकेतक: जर्नल इम्पैक्ट फैक्टर, CiteScore, SJR, SNIP, h-index, i10-index और DOI को समझना।

धोखाधड़ी से बचाव: प्रीडेटरी जर्नल्स (Predatory Journals) और भ्रामक सम्मेलनों से जुड़े चेतावनी संकेतों को पहचानना।

बौद्धिक संपदा (IP): पेटेंट, कॉपीराइट, औद्योगिक डिजाइन, ट्रेडमार्क और ट्रेड सीक्रेट्स को समझना तथा प्रायर-आर्ट सर्च, पेटेंट फाइलिंग और परीक्षा प्रक्रिया सीखना।

AI का जिम्मेदार उपयोग: साहित्य की खोज, लेखन और विश्लेषण के लिए AI-असिस्टेड टूल्स का उपयोग करना, लेकिन बिना गढ़े हुए डेटा या असत्यापित निष्कर्षों के।

90-दिवसीय कार्य योजना: विचारों को विश्वसनीय विद्वतापूर्ण आउटपुट में बदलने के लिए एक व्यावहारिक 90-दिवसीय अनुसंधान कार्य योजना विकसित करना।

इस सफल आयोजन के लिए जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के माननीय प्रबंधन, गतिशील निदेशक महोदय, इनोवेशन एंड आंत्रप्रेन्योरशिप के प्रोफेसर एवं डीन प्रो. (डॉ.) धीरज गुप्ता तथा डॉ. अनुराग मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस सत्र के आयोजन की अनुमति दी।

इस पूरे कार्यक्रम का बेहतरीन समन्वय श्री सुशांत कमल, श्री दिव्यांशु देव और श्री मुकुल अत्रि द्वारा किया गया।

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