गढ़ी शहदरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के कक्षा छह के सन्नी वैष्णव ने हिंदी पठन प्रतियोगिता में बढ़ाया विद्यालय का गौरव
सर्वश्रेष्ठ उच्चारण हेतु विशेष पुरस्कार प्राप्त कर दिखाई प्रतिभा, शिक्षक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता - अनीता गोसाईं

ग्रेटर नोएडा: शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास जब उत्कृष्टता का परिचय देते हैं, तो वह उपलब्धि संपूर्ण विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय बन जाती है। इसी क्रम में गढ़ी शहदरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के कक्षा छह के प्रतिभाशाली छात्र सन्नी वैष्णव ने दनकौर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित जनपद स्तरीय हिंदी पठन प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ उच्चारण हेतु विशेष पुरस्कार प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
इस प्रतियोगिता में कक्षा छह से कक्षा बारह तक के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। सन्नी ने अपने स्पष्ट उच्चारण, भाषायी दक्षता, आत्मविश्वास और अभ्यास के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी इस सफलता से विद्यालय परिवार में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता गोसाईं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे विद्यालय के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का क्षण है। सन्नी की उपलब्धि उसकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास का परिणाम है। इसमें शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के सहयोग की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, संस्कार और भविष्य को गढ़ने वाला राष्ट्रनिर्माता होता है। शिक्षक की प्रेरणा बालमन में आत्मविश्वास जगाती है और उसकी अंतर्निहित प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाती है। उचित मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता सिद्ध कर सकता है।
प्रधानाचार्या ने सन्नी वैष्णव को हार्दिक बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और परिश्रम के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदी भाषा के शुद्ध उच्चारण, संवर्धन और सम्मान को भी आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में श्रीमती सरोज कुमारी, श्रीमती स्वाति यादव तथा श्री भूपेन्द्र कुमार शर्मा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने सन्नी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सन्नी की सफलता संदेश देती है कि प्रतिभा को प्रोत्साहन और परिश्रम को सही दिशा मिले, तो विद्यार्थी अपनी उपलब्धियों से विद्यालय, परिवार और राष्ट्र का गौरव बढ़ा सकते हैं।
रिपोर्टर भागवत प्रसाद शर्मा






