पृथ्वी दिवस 2026 उत्साह और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया

ग्रेटर नोएडा : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में पृथ्वी दिवस 2026 को अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” विषय के अंतर्गत बड़े उत्साह और पर्यावरणीय जागरूकता के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण विज्ञान विभाग, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड एप्लाइड साइंसेज (SoVSAS) द्वारा किया गया तथा इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया।
पर्यावरण विज्ञान विभाग की आयोजन समिति के प्रयासों से गौतम बुद्ध नगर जनपद के कई शिक्षण संस्थानों, जैसे मिहिर भोज पी.जी. कॉलेज, दादरी-ग्रेटर नोएडा; सावित्रीबाई फुले बालिका इंटर कॉलेज, ग्रेटर नोएडा; महामाया बालिका इंटर कॉलेज, नोएडा; किसान आदर्श इंटर कॉलेज, दनकौर तथा अमीचंद इंटर कॉलेज, कासना, गौतम बुद्ध नगर को पृथ्वी दिवस 2026 में प्रतिभाग हेतु आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमंत्रित संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रदर्शनी, वर्किंग मॉडल प्रदर्शनी तथा ग्रीन शपथ समारोह जैसी विभिन्न आकर्षक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री एस. शाश्वत्तम, कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी–ऊर्जा प्रौद्योगिकी अनुसंधान गठबंधन (नेत्रा) तथा मुख्य संरक्षक प्रो. राणा पी. सिंह, माननीय कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों तथा उभरती सतत प्रौद्योगिकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने रात्रिकालीन ऊर्जा उपलब्धता की चुनौती पर प्रश्न उठाते हुए लिथियम-आधारित ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के महत्व को समझाया। अपने व्यावसायिक अनुभव के आधार पर उन्होंने परमाणु ऊर्जा को एक विश्वसनीय एवं निरंतर ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रस्तुत किया। उनके संबोधन ने प्रतिभागियों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि किस प्रकार तकनीकी प्रगति और व्यक्तिगत प्रयास मिलकर एक सतत भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
अपने संबोधन में माननीय कुलपति महोदय ने बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा रणनीतियों के सतर्क एवं संतुलित नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया तथा विकास की प्रक्रिया में सततता को केंद्र में रखने की बात कही। उन्होंने युवाओं में नवाचार एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया।
प्रो. चंदर कुमार सिंह, रजिस्ट्रार (प्रभारी), गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय एवं डीन, SoVSAS ने बताया कि पर्यावरण विज्ञान विभाग पर्यावरण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है तथा बी.एससी. (ऑनर्स), एम.एससी., पीएच.डी. और वर्ष 2026 से एम.एससी. इन जियोस्पेशियल डेटा साइंस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों और करियर अवसरों के लिए तैयार कर रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने पृथ्वी दिवस 2026 आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की तथा पर्यावरणीय जागरूकता को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचे में समाहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अनुसंधान, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में परिवर्तन के वाहक के रूप में कार्य करना चाहिए तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ICSSR प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “द नेक्सस इम्परेटिव: पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं नीति के लिए सतत भविष्य (EHP NEXUS 2026)” की भी घोषणा की गई। इस सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं नीति के बीच महत्वपूर्ण अंतर्संबंधों पर शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं नीति-निर्माताओं को विमर्श हेतु एक साझा मंच पर लाना है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रतिभागी स्कूलों और कॉलेजों को फलदार पौधों का वितरण रहा, जिन्हें स्कूल/कॉलेज गार्डन विकसित करने हेतु प्रदान किया गया। इन पौधों की जियो-टैगिंग के माध्यम से जमीनी स्तर पर पर्यावरणीय निगरानी और सतत विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने की एक नई शुरुआत की गई।
पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता इस प्रकार रहे—
क्विज प्रतियोगिता (प्रथम पुरस्कार): श्रेयशी – मिहिर भोज पीजी कॉलेज।
पोस्टर प्रदर्शनी (प्रथम पुरस्कार): विधि नगर तथा टीम– सावित्री बाई फुले कन्या इंटर कॉलेज।
वर्किंग मॉडल प्रदर्शनी (प्रथम पुरस्कार): महामाया बालिका इंटर कॉलेज – मॉडल “कार्बन प्यूरिफायर”।
पृथ्वी दिवस के समस्त प्रतिभागियों को ग्रीन शपथ दिलाई गई, जिसमें सतत भविष्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया। औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भास्वती बनर्जी, विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, आयोजकों एवं प्रायोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सुचारू संचालन अक्शिता भट्टाचार्य एवं शाश्वत मिश्रा द्वारा किया गया, जिनकी प्रभावशाली प्रस्तुति और समन्वय ने कार्यक्रम को जीवंत एवं सफल बनाया।
यह आयोजन पर्यावरणीय चेतना, शैक्षणिक नवाचार तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सतत भविष्य की दिशा में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा।






