सुरक्षित मातृत्व, संतुलित पोषण और संस्थागत प्रसव के प्रति किया जागरूक
खानपुर में गर्भवती महिलाओं की जांच एवं गोद भराई कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर : स्वाभिमान परियोजना द्वारा होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से खानपुर में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच एवं गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व, संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में खानपुर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अनुष्का पाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने तथा किसी भी प्रकार के खतरे के संकेत दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय पौष्टिक आहार अपनाने पर जोर
कार्यक्रम में पौष्टिक आहार टोकरी के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी दी गई। महिलाओं को चना, दाल, बाजरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, लौकी, चुकंदर, आंवला और मौसमी फलों जैसे स्थानीय खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान महंगे भोजन की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में लेना अधिक महत्वपूर्ण है। साथ ही स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक अम्ल एवं कैल्शियम की गोलियां नियमित रूप से लेने पर भी जोर दिया गया।
संस्थागत प्रसव के लिए किया जागरूक
महिलाओं को संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि अस्पताल में प्रसव कराने से प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता की स्थिति में मां और बच्चे को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
इसके साथ ही महिलाओं को रक्तस्राव, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, अत्यधिक सूजन, तेज बुखार तथा गर्भ में बच्चे की हलचल कम होने जैसे खतरे के संकेतों के बारे में भी जानकारी दी गई।
गोद भराई कर पौष्टिक आहार की टोकरी वितरित
कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म निभाई गई और उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर महिलाओं को पौष्टिक आहार की टोकरी भी वितरित की गई, जिससे उन्हें पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






